राजधानी पटना में सोमवार को ऑटो चालकों की हड़ताल का असर कई प्रमुख रूटों पर देखने को मिल सकता है। विभिन्न मांगों को लेकर प्रगतिशील ऑटो रिक्शा चालक यूनियन ने हड़ताल का एलान किया है। इसके तहत शहर के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर चलने वाली शेयर और रिजर्व ऑटो सेवाएं बंद रहेंगी। हड़ताल के दौरान ऑटो चालक आक्रोश मार्च भी निकालेंगे।

यूनियन के महासचिव नवीन मिश्रा के अनुसार, मल्टी लेवल पार्किंग ऑटो स्टैंड, बुद्ध स्मृति पार्क और मल्टी मॉडल हब से बेली रोड, बोरिंग रोड, राजा पुल, पाटलिपुत्र स्टेशन, गांधी मैदान सहित कई रूटों पर ऑटो परिचालन सोमवार को पूरी तरह प्रभावित रहेगा।
क्या हैं ऑटो चालकों की प्रमुख मांगें?
ऑटो चालक यूनियन ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि डाकबंगला होते हुए पटना जंक्शन आने वाले सभी ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।इसके अलावा यूनियन ने स्टेशन गोलंबर से डाकबंगला चौराहा तक संचालित कथित अवैध ऑटो स्टैंडों को हटाने तथा मल्टी मॉडल हब से जीपीओ गोलंबर तक ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है।

अन्य संगठनों ने किया किनारा
हालांकि, महानगर ऑटो चालक संघ, महानगर टेंपो चालक संघ और ई-रिक्शा यूनियन ने इस हड़ताल से खुद को अलग बताया है। इन संगठनों का कहना है कि सोमवार को प्रस्तावित हड़ताल से उनका कोई संबंध नहीं है।इधर, सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कई ऑटो चालकों द्वारा किराए में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। यात्रियों का आरोप है कि निर्धारित दरों से अधिक किराया वसूला जा रहा है, जिसके कारण शहर के कई इलाकों में यात्रियों और ऑटो चालकों के बीच विवाद और झड़प की घटनाएं भी हुई हैं।
यात्रियों को पहले से करनी होगी तैयारी
हड़ताल के कारण कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था का सहारा लेना पड़ सकता है।फिलहाल, प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अब देखना होगा कि ऑटो चालकों की मांगों पर क्या फैसला होता है और हड़ताल का राजधानी की यातायात व्यवस्था पर कितना असर पड़ता है।
