बड़ा फैसला: 60 फीसदी सीटों पर नहीं लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज, सरकार ने एयरलाइंस को दिए सख्त निर्देश

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: भारत में तेजी से विस्तार कर रहे विमानन क्षेत्र के बीच यात्रियों की सुविधा और अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देश अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहां प्रतिदिन पांच लाख से अधिक यात्री हवाई यात्रा करते हैं। इस बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रा को अधिक सुगम, पारदर्शी और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए कई नई पहलें लागू की हैं।

मंत्रालय की ओर से एयरपोर्ट पर यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ‘उड़ान यात्री कैफे’ के जरिए सस्ती दरों पर भोजन, ‘फ्लाईब्ररी’ के माध्यम से मुफ्त किताबों की सुविधा और मुफ्त वाई-फाई जैसी सेवाएं शुरू की गई हैं। इन कदमों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुविधाजनक माहौल प्रदान करना है।

इसी के साथ, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के माध्यम से एयरलाइनों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत हर उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने, एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ बैठाने और खेल उपकरण, संगीत वाद्ययंत्र तथा पालतू जानवरों की ढुलाई के लिए स्पष्ट व पारदर्शी नियम बनाने को अनिवार्य किया गया है।

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इसके अलावा, फ्लाइट में देरी, रद्द होने या बोर्डिंग से इनकार जैसी स्थितियों में यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एयरलाइंस को यह भी कहा गया है कि वे अपने वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट काउंटर पर यात्रियों के अधिकारों की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करें, साथ ही इन्हें क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराएं।

सरकार का मानना है कि इन पहलों से न केवल यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और शिकायतों में भी कमी आएगी। यह कदम तेजी से बढ़ते विमानन उद्योग को अधिक विश्वसनीय और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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