बिहार: भागलपुर जिले में आस्था और परंपरा की जंग; अंतिम संस्कार को लेकर हुआ बवाल

काफी बहस और दबाव के बावजूद परिजन अपने निर्णय पर अड़े रहे और अंततः शव को दफना दिया गया। घटना के बाद इलाके में धर्म और परंपरा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Asha Rai
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: बिहार के भागलपुर जिले के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित सुरखीकल काली मंदिर के पास एक युवक सौरभ कुमार तांती की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परिजनों ने दावा किया कि वे ईसाई धर्म को मानते हैं, इसलिए उन्होंने शव को दफनाने का फैसला लिया।

इस फैसले पर मोहल्ले के कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सौरभ हिंदू समाज से जुड़ा था, इसलिए उसका दाह संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से होना चाहिए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। कुछ स्थानीय लोगों ने सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी भी दी।

इस दौरान सौरभ की भाभी लक्ष्मी ने परिवार का पक्ष रखते हुए बताया कि उनका परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से प्रभु यीशु को मानता है और उसी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार करना चाहता है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

काफी बहस और दबाव के बावजूद परिजन अपने निर्णय पर अड़े रहे और अंततः शव को दफना दिया गया। घटना के बाद इलाके में धर्म और परंपरा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कुल मिलाकर, अंतिम संस्कार की परंपरा को लेकर शुरू हुआ विवाद बहस और तनाव तक पहुंचा, लेकिन आखिरकार परिजन अपने फैसले पर कायम रहे और शव को दफना दिया गया। घटना के बाद इलाके में धर्म और परंपरा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article