NEWS PR डेस्क: बिहार में मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब तकनीक आधारित व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रेफरल सिस्टम को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के साथ ही एंबुलेंस, अस्पतालों और कंट्रोल सेंटर के बीच रियल टाइम समन्वय स्थापित करने की तैयारी है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने राज्य स्वास्थ्य समिति के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे रेफर किए गए मरीज की स्थिति, उसकी लोकेशन और अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी तत्काल मिल सके।
एंबुलेंस से कंट्रोल सेंटर तक पहुंचेगी मरीज की जानकारी
प्रस्तावित स्मार्ट एंबुलेंस व्यवस्था में इमरजेंसी मरीज को अस्पताल ले जाते समय ही उसकी स्थिति का प्राथमिक आकलन किया जाएगा। एंबुलेंस से मिलने वाली जानकारी डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए कंट्रोल सेंटर तक पहुंचेगी। इससे मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही संबंधित स्वास्थ्य संस्थान आवश्यक तैयारी कर सकेगा। 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को एक साझा इमरजेंसी नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस नेटवर्क के जरिए एंबुलेंस और अस्पतालों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
चलते-चलते पता चलेगा किस अस्पताल में कितने बेड खाली
स्मार्ट एंबुलेंस में लगाए जाने वाले कियोस्क के माध्यम से सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध बेड की ताजा स्थिति देखी जा सकेगी। साथ ही मरीज की मौजूदा लोकेशन भी संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गंभीर मरीज को ऐसे अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां तत्काल बेड उपलब्ध हो। इस डिजिटल बेड मैनेजमेंट सिस्टम के शुरुआती परीक्षण के लिए एम्स, आईजीआईएमएस, पीएमसीएच और एनएमसीएच को शामिल करने की योजना है।
QR कोड से होगी बेड की निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में बेड की उपलब्धता का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से अपडेट करने पर जोर दिया। इसके लिए QR कोड आधारित बेड मैनेजमेंट सिस्टम और रियल टाइम डेटा एंट्री को लागू करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी कार्रवाई करने को कहा गया।
104 सेवा और ई-संजीवनी को जोड़ने पर विचार
बैठक में टेली-मेडिसिन सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। 104 हेल्पलाइन को ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। इसका उद्देश्य दूर-दराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
ANM, आशा और जीविका दीदी से जुटेगा मरीजों का फीडबैक
स्वास्थ्य सेवाओं को डेटा आधारित बनाने के लिए मरीजों के खान-पान और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारियां जमीनी स्तर पर जुटाने की योजना है। इसके लिए एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और जीविका दीदियों की मदद ली जाएगी। आयुष चिकित्सकों से प्रभावी दवाओं से संबंधित जानकारी भी संकलित की जाएगी।
AI से बेहतर होगी स्वास्थ्य सेवाओं की प्लानिंग
समीक्षा बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर भी विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए एआई तथा उपलब्ध मरीज डेटा का बेहतर उपयोग करने का निर्देश दिया। डेटा के विश्लेषण के आधार पर स्वास्थ्य व्यवस्था में कमियों की पहचान और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत सेन सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।