बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, देरी पर हो सकती है वेतन कटौती

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 02 जून। बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब सभी कर्मियों को बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (बीबीएएस) के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में समयपालन सुनिश्चित करना, कार्यसंस्कृति में सुधार लाना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना है। विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने निर्देश दिया है कि पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी कार्यालयों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

सरकार का मानना है कि बायोमेट्रिक प्रणाली लागू होने से कर्मचारियों की उपस्थिति का सटीक और वास्तविक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा तथा फर्जी हाजिरी और मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम होगी। लंबे समय से सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के देर से आने और समय से पहले कार्यालय छोड़ने की शिकायतें मिलती रही हैं, जिसे देखते हुए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर अवकाश समायोजन, वेतन कटौती अथवा अन्य विभागीय कार्रवाई भी की जा सकेगी। इतना ही नहीं, कर्मचारियों के वेतन भुगतान को भी बायोमेट्रिक उपस्थिति रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा।

सरकार ने कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी भी तय की है। उन्हें प्रत्येक माह कर्मचारियों की उपस्थिति का प्रिंट आउट तैयार कर विभागीय समीक्षा के लिए उपलब्ध कराना होगा। इससे किसी भी प्रकार की अनियमितता पर समय रहते नजर रखी जा सकेगी।

नई व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार ने सभी कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जहां मशीनें खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराने और जहां अभी तक मशीनें स्थापित नहीं हुई हैं, वहां जल्द स्थापना करने को कहा गया है।

इसके साथ ही जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संचालन और अनुपालन की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारियों को भी आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से सरकारी कार्यालयों में कार्यकुशलता बढ़ेगी, कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और आम लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।

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