NEWS PR डेस्क: सुपौल जिले में मंगलवार देर रात एक ऐसी घटना सामने आई जिसने “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय” कहावत को चरितार्थ कर दिया। सदर प्रखंड के बसबिट्टी पंचायत स्थित कोसी तटबंध के 64/95 स्पर पर उफनती कोसी नदी में बह रही एक युवती को कनीय अभियंता और एक मजदूर की सूझबूझ एवं साहस ने नई जिंदगी दे दी।

बचाओ की आवाज सुनकर दौड़े, नदी में लगाई छलांग
रात्रि ड्यूटी पर तैनात कनीय अभियंता चितरंजन कुमार और मजदूर सुभाष कुमार ने बताया कि रात करीब 10 बजे भोजन करने के बाद जैसे ही वे बाहर हाथ धोने निकले, उन्हें कोसी नदी की ओर से किसी युवती के “बचाओ-बचाओ” चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। दोनों बिना समय गंवाए टॉर्च लेकर नदी की ओर दौड़े। मौके की गंभीरता को देखते हुए मजदूर सुभाष कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती कोसी नदी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
युवती ने सुनाई चौंकाने वाली कहानी
बचाई गई युवती ने अपनी पहचान आशा कुमारी के रूप में बताई। वह सुपौल सदर प्रखंड के लखनिपट्टी गांव की रहने वाली है। युवती के अनुसार, वह एक युवक से प्रेम करती थी, लेकिन उसके परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। करीब एक महीने पहले उसकी शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध दूसरे युवक से करा दी गई। आशा का कहना है कि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती थी और अपने प्रेमी से मिलना चाहती थी।
प्रेमी से मिलवाने के बहाने नदी में धक्का देने का आरोप
आशा ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात उसके दो सगे संबंधी उसे प्रेमी से मिलवाने का झांसा देकर घर से अपने साथ ले गए। रास्ते में पिपरा खुर्द के पास कोसी नदी पहुंचने पर दोनों ने कथित तौर पर उसे नदी में धक्का दे दिया। युवती ने बताया कि वह किसी तरह तेज बहाव में बहते हुए तटबंध के स्पर तक पहुंची और मदद के लिए लगातार आवाज लगाती रही। उसकी पुकार सुनकर मौके पर मौजूद कर्मियों ने उसकी जान बचाई।
पुलिस ने युवती को लिया संरक्षण में
घटना की सूचना कनीय अभियंता चितरंजन कुमार ने तत्काल डायल-112 को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवती को अपने संरक्षण में ले लिया।
डायल-112 में तैनात एएसआई दीपक कुमार सिंह ने बताया कि युवती के आरोपों की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। मामले की जांच शुरू की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस युवती के आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है। सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
