आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य, केंद्र सरकार ने जारी किए नए दिशानिर्देश

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब सभी प्रमुख सरकारी और औपचारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ बजाया या गाया जाना अनिवार्य होगा।

छह अंतरे वाला आधिकारिक संस्करण होगा लागू

नई गाइडलाइन के तहत ‘वंदे मातरम’ का पूरा आधिकारिक संस्करण प्रस्तुत किया जाएगा, जिसकी अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड तय की गई है। इसमें कुल छह अंतरे शामिल होंगे। विशेष बात यह है कि वे चार छंद भी शामिल किए गए हैं, जिन्हें वर्ष 1937 में कांग्रेस द्वारा हटाया गया था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक मौकों पर यही पूर्ण संस्करण मान्य होगा।

किन मौकों पर होगा अनिवार्य

दिशानिर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रपति के आगमन, उनके संबोधन या राष्ट्र के नाम संदेश से पहले और बाद में ‘वंदे मातरम’ का गायन या वादन अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों और अन्य औपचारिक सरकारी समारोहों में भी इसे बजाया या गाया जाएगा।

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राष्ट्रगीत से पहले खड़ा होना जरूरी

गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि राष्ट्रगीत के दौरान सभी उपस्थित लोगों का सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य होगा। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों से कहा गया है कि वे दैनिक प्रार्थना सभा या अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में ‘वंदे मातरम’ को बढ़ावा दें, ताकि विद्यार्थियों और नागरिकों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना मजबूत हो।

सिनेमा हॉल को छूट

हालांकि नए नियमों में सिनेमा हॉल को इस अनिवार्यता से बाहर रखा गया है। यानी फिल्मों के प्रदर्शन से पहले सिनेमाघरों में ‘वंदे मातरम’ बजाना या उस दौरान खड़ा होना आवश्यक नहीं होगा। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है, साथ ही राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के प्रति औपचारिक सम्मान सुनिश्चित करना है।

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