बिहार में शुरू हुआ ‘चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान, 38 जिलों में घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब स्वास्थ्य जांच के लिए हर बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच करेंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में ‘जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी 38 जिलों के लिए जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तीन महीने तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य फोकस कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे गैर-संचारी रोगों की शुरुआती पहचान पर रहेगा।
2 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किया गया यह विशेष अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में करना और बीमारी के कारण होने वाली असामयिक मौतों को कम करना है।
घर-घर पहुंचेंगी ANM और आशा कार्यकर्ता
अभियान की सबसे खास बात यह होगी कि स्वास्थ्यकर्मी सीधे लोगों के घर तक पहुंचेंगे। ANM और आशा कार्यकर्ता डोर-टू-डोर स्वास्थ्य सर्वे और स्क्रीनिंग करेंगी। घर-घर सर्वे के दौरान लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी और जरूरत के अनुसार प्राथमिक जांच की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण या जोखिम के संकेत मिलते हैं, तो उसे आगे की जांच और उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्र या उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाएगा।
कैंसर की इन तीन प्रकार की स्क्रीनिंग पर विशेष जोर
अभियान में गैर-संचारी रोगों की पहचान को प्राथमिकता दी जाएगी। खास तौर पर कैंसर के तीन प्रमुख प्रकारों की स्क्रीनिंग पर विशेष फोकस रहेगा। ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर। इसके अलावा मधुमेह और उच्च रक्तचाप की भी जांच की जाएगी। बीमारी के लक्षण या जोखिम पाए जाने पर लोगों को चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी और जरूरत के अनुसार आगे के उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।
अस्पताल नहीं पहुंच पाने वाले लोगों तक पहुंचेगी सुविधा
सरकार का उद्देश्य उन लोगों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जो जागरूकता की कमी, आर्थिक परेशानी, दूरी या अन्य कारणों से नियमित रूप से अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र नहीं जा पाते हैं। घर-घर जांच के जरिए ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय रहते इलाज की सुविधा से जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की समय पर पहचान होने से इलाज के बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
38 जिलों में चलेंगे जागरूकता रथ
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बिहार के सभी 38 जिलों में जागरूकता रथ भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान इन रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ ग्रामीण और शहरी इलाकों में घूमकर लोगों को स्वास्थ्य जांच और गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगे। लोगों को कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों की जानकारी दी जाएगी और समय पर जांच कराने के फायदे बताए जाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- लोगों की सेहत बेहतर करना प्राथमिकता
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद से लगातार राज्य के लोगों की सेहत बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय सीधे लोगों के घर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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