CISF राष्ट्र की सुरक्षा की मजबूत ढाल, औद्योगिक विकास में निभा रही अहम भूमिका: अमित शाह

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने ओडिशा के मुंडली में आयोजित Central Industrial Security Force (CISF) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और बल के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि वीरता, त्याग और बलिदान की प्रतीक CISF आधुनिक तकनीक को अपनाकर राष्ट्र की सुरक्षा की मजबूत ढाल बन चुकी है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री Dharmendra Pradhan, ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi, केंद्रीय गृह सचिव और CISF के महानिदेशक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पिछले 56 वर्षों में CISF ने औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि भारत के औद्योगिक विकास और मजबूत अर्थव्यवस्था की कल्पना CISF के बिना संभव नहीं है। यह बल देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है।

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गृह मंत्री ने बताया कि वर्तमान में CISF देश के 70 हवाई अड्डों सहित 361 महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा कर रही है। इसके साथ ही सरकार ने ड्रोन सुरक्षा के क्षेत्र में भी CISF को नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी है। हाल के समय में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और हवाई अड्डों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी CISF को दी गई है।

अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में निर्णय लिया है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा भी CISF को सौंपी जाएगी। इसके अलावा आने वाले समय में CISF निजी औद्योगिक समूहों को भी हाइब्रिड मॉडल के तहत सुरक्षा प्रदान करेगी।

समारोह के दौरान गृह मंत्री ने लगभग 890 करोड़ रुपये की लागत से CISF से जुड़े पांच आवासीय परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें कामरूप, नासिक और सीहोर में बनने वाले आवासीय परिसरों का शिलान्यास तथा राजरहाट और दिल्ली में बने आवासीय परिसरों का लोकार्पण शामिल है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को हासिल करने में CISF एक महत्वपूर्ण ‘कैटेलिस्ट’ की भूमिका निभा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सुरक्षा बलों के प्रयासों से यह समस्या अब अंत के करीब है। गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह परास्त कर दिया जाएगा और देश को इस चुनौती से मुक्त कराया जाएगा।

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