निबंधन व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर आयुक्त का जोर, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: निबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के सब-रजिस्ट्रार के साथ समीक्षा बैठक की। यह बैठक आयुक्त कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें निबंधन कार्यों की प्रगति, राजस्व संग्रह, लंबित मामलों के निष्पादन और जनसुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान आयुक्त ने कहा कि जिला निबंधन कार्यालय सरकार के राजस्व का प्रमुख स्रोत होने के साथ-साथ आम नागरिकों से सीधे जुड़ा विभाग है। ऐसे में इसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी दस्तावेजों का पंजीकरण निर्धारित समय-सीमा में करने और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

आयुक्त ने राजस्व संग्रह में तेजी लाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने और नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

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पारदर्शिता और भ्रष्टाचार नियंत्रण को लेकर आयुक्त ने सभी प्रक्रियाओं को अधिकतम ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही निगरानी तंत्र को मजबूत करने और कार्यालय परिसर में अनावश्यक हस्तक्षेप पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए।

अभिलेख संरक्षण एवं डिजिटलीकरण पर बल देते हुए उन्होंने पुराने दस्तावेजों की शीघ्र स्कैनिंग, सुरक्षित डिजिटल बैकअप और रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली को अद्यतन रखने को कहा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अभिलेखों की सुरक्षा नागरिकों के अधिकारों से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।

जनसुविधाओं में सुधार के लिए आयुक्त ने कार्यालयों में हेल्प डेस्क, प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और स्पष्ट सूचना पट्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में नियमित निरीक्षण और समीक्षा पर भी जोर दिया गया। आयुक्त ने जिला पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर औचक निरीक्षण करने तथा मासिक समीक्षा के माध्यम से सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करते हुए शिकायत रजिस्टर के नियमित संधारण और त्वरित निष्पादन पर भी बल दिया गया।

अंत में आयुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से निबंधन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी, राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और आम नागरिकों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा।

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