NEWS PR डेस्क: भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में बोलबम यात्रा के दौरान धार्मिक झंडे और डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें नौ लोग घायल हो गए। इनमें से 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता की इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है और प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, फुलकाहा के मानिकपुर बॉर्डर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सुनसरी जिले के देवानगंज गांव पालिका-3 स्थित कप्तानगंज में सोमवार को पिंडेश्वर धाम के लिए बोलबम यात्रा की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान डीजे और धार्मिक झंडे को लेकर दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
सुनसरी के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार थेवे ने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने फायरिंग की। गोली लगने से नौ लोग घायल हुए, जबकि पुलिस निरीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मी भी हिंसा में जख्मी हो गए।

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने कप्तानगंज बाजार में कई घरों, मेडिकल स्टोर और अन्य प्रतिष्ठानों में आग लगा दी। पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर हालात पर काबू पाने की कोशिश की।
घायलों में मिथलेश यादव (22), अमलेश मेहता (18), मिथलेश मेहता (25) और अमित कुमार यादव (20) का कोशी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं रविन्द्र मेहता (21), अमित कुमार यादव (18) और सुनील कुमार मेहता (25) विराट नर्सिंग होम में भर्ती हैं।
हिंसा में पुलिस निरीक्षक राकेश राई के सिर में गंभीर चोट आई है। इसके अलावा गणेश नारायण श्रेष्ठ, नवराज पोखरेल, अमरलाल यादव, रामबहादुर राई, विजय यादव, बुद्धदेव साह और निवेश यादव भी घायल हुए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
