गया जिले के शेरघाटी नगर परिषद में एक बार फिर खरीद प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। पूर्व मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि विनय कुमार ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य पार्षद पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।विनय कुमार ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पटना के प्रमुख सचिव को लिखित शिकायत भेजकर दावा किया है कि नगर परिषद में सामान की खरीददारी में अनियमितताएं लगातार बढ़ रही हैं। इस बार मामला सीसीटीवी कैमरों की खरीद से जुड़ा है, जिसे लेकर उन्होंने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को नगर परिषद द्वारा GeM पोर्टल पर तीन अलग-अलग बिड जारी की गईं। इन बिड्स में 200 सीसीटीवी कैमरे, 51 स्टील व्हील बैरो और 31 ट्राइसाइकिल की खरीद प्रस्तावित है।
आरोप है कि जिन स्थानों के लिए सीसीटीवी कैमरे खरीदे जाने हैं, वहां पहले से ही कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसके बावजूद दोबारा खरीद के लिए टेंडर जारी करना संभावित घोटाले की ओर इशारा करता है। विनय कुमार का कहना है कि पिछली बार की तरह इस बार भी निविदा प्रक्रिया को पूर्व नियोजित तरीके से मनचाही फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यपालक पदाधिकारी ऋचा प्रियदर्शनी द्वारा टेंडर की शर्तें इस तरह बनाई गई हैं, जिससे चयनित फर्म को ही लाभ मिल सके। अपने दावों के समर्थन में उन्होंने शिकायत पत्र के साथ सीसीटीवी कैमरों के जीपीएस लोकेशन से जुड़े फोटो भी संलग्न किए हैं।विनय कुमार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कार्यपालक पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। साथ ही, पूर्व में हुई निविदाओं से नगर परिषद को हुए कथित वित्तीय नुकसान की भरपाई संबंधित अधिकारियों से कराई जाए।
इस पूरे मामले पर जब कार्यपालक पदाधिकारी ऋचा प्रियदर्शनी से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट