जन वितरण प्रणाली के जरिए आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा कुकिंग कोयला, थोक विक्रेताओं का चयन शुरू

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 01 मई। बिहार में ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BSMC) ने कुकिंग कोल (Cooking Coal) के वितरण के लिए थोक विक्रेताओं के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में निगम ने 22 अप्रैल 2026 को एक आधिकारिक आम सूचना जारी की है।

जारी सूचना के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम के तहत लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से कोयला उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जिला स्तर पर एक या अधिक थोक विक्रेताओं का चयन किया जाएगा, जिन्हें अधिकतम 10,000 मीट्रिक टन कोयले का वार्षिक आवंटन दिया जा सकता है।

निगम ने बताया कि वर्ष 2025 से 2030 तक के लिए बिहार सरकार द्वारा BSMC को कोयला आपूर्ति की राज्य नामित एजेंसी बनाया गया है। वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए आम उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयला उपलब्ध कराने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।

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आवेदन की शर्तें और प्रक्रिया

इच्छुक आवेदकों को निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करना होगा। इसमें PAN, GST, वित्तीय वर्ष 2024-25 का आयकर रिटर्न, न्यूनतम 20 लाख रुपये का टर्नओवर तथा बैंकर्स सर्टिफिकेट शामिल हैं। आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी और फॉर्म BSMC की आधिकारिक वेबसाइट (www.bsmcl.in) या कोल जंक्शन पोर्टल (auction.coaljunction.com) से प्राप्त किए जा सकते हैं।

आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 6 मई 2026, दोपहर 3 बजे तक निर्धारित की गई है। आवेदन पत्र पटना स्थित विकास भवन (न्यू सेक्रेटेरिएट) के कक्ष संख्या 164 में जमा करना होगा।

सुरक्षा जमा और अनुबंध प्रक्रिया

चयनित आवेदकों को 2 लाख रुपये की सुरक्षा जमा राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद उनके साथ औपचारिक अनुबंध किया जाएगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि आवेदन जमा करने मात्र से कोयला आवंटन की गारंटी नहीं होगी, बल्कि सभी आवेदनों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

संपर्क और सहायता

किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए आवेदक [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं। इस पहल से राज्य में छोटे एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कोयला वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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