NEWS PR डेस्क: पटना, 30 जून। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यक उपचार किया जा रहा है।
मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए कई राजनीतिक नेता भी मेदांता अस्पताल पहुंचे। इसी क्रम में बिहार विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) संजय सिंह ने अस्पताल पहुंचकर रामकृपाल यादव का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके इलाज की जानकारी ली। उन्होंने मंत्री के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल मंत्री की सेहत को लेकर कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। हालांकि, उनके भर्ती होने की सूचना मिलते ही समर्थकों और शुभचिंतकों का अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया।
रामकृपाल यादव बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वर्ष 1985 में उन्होंने पटना नगर निगम के उप महापौर के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की अहम शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 1992 से 1993 तक वे बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे।

वर्ष 1993 में जनता दल के टिकट पर पटना लोकसभा क्षेत्र से हुए उपचुनाव में जीत दर्ज कर वे 10वीं लोकसभा के सदस्य बने। वर्ष 1996 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखते हुए भाजपा के एस.एन. आर्य को हराया।
हालांकि, 1998 और 1999 के लोकसभा चुनावों में उन्हें भाजपा के डॉ. सी.पी. ठाकुर के हाथों लगातार दो बार हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए पटना सीट से डॉ. सी.पी. ठाकुर को 38,562 मतों के अंतर से पराजित किया।
वर्ष 2010 में रामकृपाल यादव राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद 2014 में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा। भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पुत्री मीसा भारती को 40,322 मतों के अंतर से हराया। केंद्र में सरकार बनने के बाद उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया।
वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दानापुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जीत दर्ज कर विधायक बनने में सफलता हासिल की। वर्तमान में वे बिहार सरकार में सहकारिता मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
