तारापुर शहीद दिवस पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणा, 34 अमर सेनानियों की गाथा बिहार के पाठ्यक्रम में होगी शामिल

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: सम्राट चौधरी ने तारापुर शहीद दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि 15 फरवरी 1932 को तारापुर थाना भवन पर तिरंगा फहराने के दौरान बलिदान देने वाले 34 स्वतंत्रता सेनानियों की वीरगाथा को बिहार के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग के बाद तारापुर की घटना स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय रही है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।

राजकीय समारोह में दी श्रद्धांजलि

तारापुर शहीद स्मारक पर आयोजित राजकीय समारोह में उपमुख्यमंत्री ने 34 अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को रिमोट के माध्यम से फहराया गया। समारोह में मुंगेर के डीआईजी राकेश कुमार, डीएम निखिल धनराज निप्पीणीकर, एसपी सैयद इमरान मसूद, पूर्व विधायक राजीव सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

तेलडीहा मंदिर और कांवरिया पथ के विकास की योजना

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विकास को लेकर कई घोषणाएं की गईं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि तेलडीहा मंदिर क्षेत्र के आसपास बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, ईशा फाउंडेशन के सहयोग से कांवरिया पथ के आसपास लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना विकसित करने की योजना है। उन्होंने तारापुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क, बाईपास और फोरलेन निर्माण के साथ-साथ खड़गपुर, टेटिया बंबर और असरगंज में जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने की भी घोषणा की।

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आधुनिक बस स्टैंड और बाजार विकास

तारापुर में छह करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। असरगंज, हवेली खड़गपुर और संग्रामपुर में भी नए बस स्टैंड बनाए जाएंगे। इसके अलावा तारापुर बाजार के विकास और मार्केट यार्ड निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे किसानों और सब्जी विक्रेताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

शहीद थाना परिसर का होगा पुनरुद्धार

शहीद तारापुर थाना परिसर में पुराने भवन के जीर्णोद्धार के साथ संग्रहालय सह पुस्तकालय के निर्माण का शिलान्यास भी किया गया। यह परिसर स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित करने और ऐतिहासिक चेतना को मजबूत करने का केंद्र बनेगा।

राजकीय गरिमा के साथ मनाए गए इस समारोह ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को याद करते हुए विकास और विरासत संरक्षण दोनों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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