डायल-112 ने बदली आपात सेवा की तस्वीर: तीन वर्षों में 40 लाख से अधिक लोगों को मिली मदद

Patna Desk
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पटना, 7 जुलाई (प्रतिनिधि):बिहार में आपातकालीन सेवाओं का चेहरा बन चुकी डायल-112 सेवा ने अपनी तीन साल की सफल यात्रा पूरी कर ली है। इस अवधि में इस सेवा ने राज्यभर में 40 लाख से अधिक लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 65,000 से अधिक कॉल दर्ज हो रहे हैं, जिससे बिहार इस मामले में देशभर में दूसरे स्थान पर है।24×7 तैनात 1833 वाहन, 15 मिनट में पहुंचती है मददडायल-112 के तहत वर्तमान में 1283 चारपहिया और 550 दोपहिया वाहनों समेत कुल 1833 वाहन दिन-रात सेवा में लगे हुए हैं। इनकी बदौलत औसतन 15 मिनट के भीतर मदद घटनास्थल तक पहुंचाई जाती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है।

—महिला सुरक्षा को प्राथमिकता-

सेवा में महिला सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। कॉल सेंटर का संचालन प्रशिक्षित महिला कर्मियों द्वारा किया जा रहा है, जिससे महिला शिकायतकर्ताओं को संवेदनशीलता के साथ सहायता दी जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, हर दिन करीब 6,000 लोग इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।पिछले साल की तुलना में इस वर्ष सेवा में 15% की वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं शिकायतों की संख्या में 4% की बढ़ोतरी देखी गई है। देशभर में डायल-112 की प्रतिक्रिया गति के मामले में बिहार दूसरे स्थान पर है।—तीन वर्षों में इन मामलों में मिली सबसे ज्यादा सहायताघरेलू हिंसा, महिला अपराध और बाल-संवंधित मामलों में: 3.57 लाख से अधिक केसों में त्वरित कार्रवाईस्थानीय विवाद, झगड़े और मारपीट में: 21.79 लाख मामलों में पुलिस सहायतासड़क दुर्घटनाओं में: 1.84 लाख मामलों में घायलों को फौरन राहत

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आग लगने की घटनाओं में: 1.15 लाख बार फायर ब्रिगेड की मदद से जान-माल की रक्षा—महिलाओं के लिए ‘सुरक्षित सफर’ सुविधा बनी सहारासितंबर 2024 में शुरू की गई ‘सुरक्षित सफर सुविधा’ महिला यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है। इसके तहत महिलाएं अपनी यात्रा की जानकारी डायल-112 के साथ साझा कर सकती हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। इस तरह की सुविधा शुरू करने वाला बिहार देश का तीसरा राज्य बना है।—आधुनिकीकरण की ओर कदम: NGERSS और मिरर सेंटरडायल-112 को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाने के लिए अगले वर्ष से Next Generation Emergency Response Support System (NGERSS) लागू किया जाएगा। साथ ही, किसी भी आपदा के दौरान सेवा बहाल रखने के लिए एक ‘मिरर इमरजेंसी सेंटर’ की स्थापना की जा रही है, जो पटना स्थित मुख्य कंट्रोल रूम का बैकअप केंद्र होगा।—निःशुल्क सेवा, भरोसे की गारंटीबिहार पुलिस मुख्यालय ने दोहराया है कि डायल-112 सेवा पूरी तरह निशुल्क है और इसका मकसद है – लोगों को भरोसेमंद, तेज और सुरक्षित आपातकालीन सहायता प्रदान करना।

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