जिला निरीक्षण समिति का एक्शन, बाल गृहों में सुधार के निर्देश जारी

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 29 मार्च । जिला पदाधिकारी पटना डॉ. चंद्रशेखर सिंह के द्वारा गठित जिला निरीक्षण समिति द्वारा शनिवार को जिले के चार बाल देखरेख संस्थानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में बाढ़ स्थित बालक गृह (इकाई-01 एवं 02), बालिका गृह (इकाई-01), तथा विशेष दत्तक ग्रहण संस्थान (इकाई-02), बिहटा शामिल रहे।

यह निरीक्षण किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 और बिहार किशोर न्याय नियमावली 2017 के तहत किया गया। समिति में जिलाधिकारी के साथ मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा अभियान), पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-नोडल पदाधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, बाल कल्याण समिति के सदस्य और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान अधिकांश संस्थानों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। समिति ने बाल देखरेख संस्थानों में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए अधीक्षकों को निर्देश देते हुए अधिनियम के प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पिछले निरीक्षण में दिए गए निर्देशों की समीक्षा भी की गई, जिसमें सुधार देखने को मिला।

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तीन संस्थानों में बच्चों के मेडिकल फाइल की भी जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए और इस संबंध में विशेष सावधानी बरती जाए।

सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पटना शैलेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए भी लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत देखभाल योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन जरूरी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण में चिकित्सा पदाधिकारी, शिक्षा एवं पुलिस विभाग के अधिकारी, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, बाल कल्याण समिति के सदस्य सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

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