NEWS PR डेस्क: बेतिया: पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 41 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के जल्द निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पश्चिम चंपारण के जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी तरनजोत सिंह को जिलाधिकारी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
राजस्व और भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतें प्रमुख
जनसुनवाई में लोगों ने राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, भूमि विवाद और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी समस्याएं डीएम के सामने रखीं। इसके अलावा बिजली आपूर्ति, पेयजल, सड़क निर्माण और मरम्मत से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं।
फरियादियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए आवेदन सौंपे। डीएम ने एक-एक कर लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों से मामलों की स्थिति की जानकारी ली। कई मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही समाधान कराया गया।
अधिकारियों को समय-सीमा में निष्पादन का निर्देश
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और शिकायतकर्ताओं को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए।
संबंधित विभागों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और उसकी प्रगति पर नजर रखने को कहा गया। हाल की जनसुनवाइयों में भी डीएम ने शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध समाधान पर जोर दिया है।
‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान का हिस्सा है जनसुनवाई
यह जनसुनवाई राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत संचालित ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाकर उनके समाधान की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
जनसुनवाई के दौरान डीडीसी काजले वैभव नितिन, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में फरियादियों की शिकायतों पर विभागवार कार्रवाई के निर्देश दिए गए, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जा सके और लोगों को प्रशासनिक स्तर पर समय पर राहत मिल सके।
पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़