NEWS PR डेस्क: सुपौल, 21 जून। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रविवार को सुपौल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में विद्यालयों और शैक्षणिक संसाधनों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए स्कूलों की स्थापना की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं। नई शिक्षा नीतियों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था ने शिक्षा के स्तर को नई दिशा दी है।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और छात्रों के लिए अधिक उपयोगी बनाना है। इसके लिए शिक्षा विभाग लगातार जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां आज भी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे इलाकों की पहचान कर वहां नए विद्यालयों के निर्माण और आवश्यक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को उसके घर के आसपास बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सके।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में भी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए लगातार समीक्षा एवं सुधार की प्रक्रिया जारी है। सरकार का प्रयास है कि बिहार के सरकारी विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस हों और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
