NEWS PR डेस्क: दरभंगा, 11 जून 2026। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार की ओर से गुरुवार को दरभंगा जिले में संचालित विभिन्न राजस्व संबंधी योजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने की।
बैठक में जिलाधिकारी कौशल कुमार, अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, डीसीएलआर सहित जिले के सभी अंचल अधिकारी मौजूद रहे। वहीं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए मंत्री रामचंद्र प्रसाद, विधायक मुरारी मोहन झा, विधायक राजेश कुमार मंडल और विधायक मैथिली ठाकुर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
समीक्षा बैठक के दौरान ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, राजस्व महाअभियान, सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदन, फार्मर रजिस्ट्री और अतिक्रमण वाद समेत विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।

मंत्री डॉ. जायसवाल ने ऑनलाइन आवेदनों में रिवर्ट (वापसी) की संख्या कम करने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी मुख्यालय स्तर पर आईटी प्रबंधकों से समन्वय स्थापित करें।
अतिक्रमण वादों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आवेदन ऑनलाइन माध्यम से ही प्राप्त और निष्पादित किए जाएं। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया से कार्य नहीं किया जाएगा।
बैठक में ऑनलाइन म्यूटेशन से जुड़े लंबित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने गौड़ाबौराम, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, हायाघाट और बेनीपुर अंचलों में लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने राजस्व सेवाओं के समयबद्ध निष्पादन को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
‘नॉट फिट’ मामलों की बड़ी संख्या पर चिंता जताते हुए मंत्री ने अपर समाहर्ता (राजस्व) को ऐसे मामलों की गहन जांच कराने का निर्देश दिया। वहीं अभियान बसेरा-2 के तहत ‘नॉट फिट फॉर लैंड अलॉटमेंट’ मामलों की दोबारा जांच कर भूमिहीनों को वासगीत/बंदोबस्ती पर्चा उपलब्ध कराने को कहा गया।
समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सभी अंचल अधिकारियों और डीसीएलआर को निर्देश दिया कि अतिक्रमण वाद से जुड़े सभी आवेदनों को तत्काल पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने ई-मापी कार्यों में तेजी लाने के लिए अमीनों के युक्तिसंगत पुनर्विन्यास की कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि रिवर्ट किए गए आवेदनों के मामलों में संबंधित कर्मचारी सीधे रैयतों से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करें और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को राजस्व विभाग से संबंधित लंबित मामलों और वादों के समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए गए।
