NEWS PR डेस्क: पटना, 17 जून: बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़े विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए बुधवार को पटना में एक उच्चस्तरीय हितधारक बैठक आयोजित की। बैठक में देशभर से आए 80 से अधिक संस्थानों, निवेशकों और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और बिहार में स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BMSICL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है और PPP मॉडल के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों के संचालन को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार बेहतर आधारभूत संरचना, पारदर्शी प्रक्रियाएं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सिंगल विंडो क्लियरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। साथ ही उन्होंने निजी संस्थानों और निवेशकों से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि ग्रीनफील्ड परियोजना के तहत राज्य के 17 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल स्थापित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक जिले में लगभग 20 से 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि PPP मॉडल के तहत ग्रीनफील्ड श्रेणी में 17 और ब्राउनफील्ड श्रेणी में 16 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के संचालन का प्रस्ताव है।
सचिव ने बताया कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन और तकनीकी सहायता के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही सभी हितधारकों से लिखित सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं, जिनके आधार पर परियोजना को और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थानों का चयन पूरी तरह पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
बैठक में शामिल विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने बिहार सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। केरल समेत कई राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो बिहार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। राज्य सरकार की यह पहल स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
