साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज! भारत में सिर्फ 15–20 मिनट दिखेगा ‘ब्लड मून’, जानें समय, सूतक और जरूरी नियम

Asha Rai
Chandra Grahan 2026: इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई दे सकता है, जिसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
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NEWS PR डेस्क: आज साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। हिंदू धर्म में इसे केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई दे सकता है, जिसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

कब से कब तक रहेगा ग्रहण?

पंचांग के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होगा, लेकिन उस वक्त भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा। भारत में चंद्रमा का उदय शाम करीब 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा और उसी समय ग्रहण का अंतिम चरण चल रहा होगा। ग्रहण लगभग 6:46 से 6:47 बजे के बीच समाप्त हो जाएगा। यानी भारत में यह चंद्र ग्रहण केवल 15 से 20 मिनट तक ही दिखाई देगा।

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किन शहरों में दिखेगा चंद्र ग्रहण?

दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद, पटना, भुवनेश्वर, शिलॉन्ग, कोहिमा, गुवाहाटी, इम्फाल और ईटानगर सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल—में ग्रहण देखे जाने की संभावना है।

क्या होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण?

जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में समा जाता है, तो उसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा का रंग तांबे या लाल रंग का दिख सकता है, इसलिए इसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।

सूतक काल क्या है और कब से लगेगा?

हिंदू मान्यता के अनुसार सूतक काल ग्रहण शुरू होने से पहले लग जाता है और ग्रहण समाप्त होने तक प्रभावी रहता है।

  • चंद्र ग्रहण के मामले में सूतक 9 घंटे पहले शुरू होता है।
  • सूर्य ग्रहण के लिए यह अवधि 12 घंटे पहले मानी जाती है।

उदाहरण के तौर पर, यदि चंद्र ग्रहण शाम 6 बजे से प्रभावी है, तो सूतक सुबह 9 बजे से माना जाएगा। ग्रहण समाप्त होते ही सूतक भी खत्म हो जाता है।

ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या न करें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार—

  • ग्रहण के समय मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है।
  • भोजन बनाना, खाना या नए शुभ कार्य शुरू करना वर्जित माना गया है।
  • पका हुआ भोजन हो तो उसमें तुलसी के पत्ते डालकर ढक कर रखने की सलाह दी जाती है, ताकि भोजन शुद्ध बना रहे।

कौन से मंत्रों का करें जाप?

महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय साधना, ध्यान और मंत्र जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है।

आज शाम आसमान में नजर आने वाला यह दुर्लभ नजारा खगोल प्रेमियों और श्रद्धालुओं—दोनों के लिए खास रहेगा।

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