टेक्नोलॉजी पार्क से लेकर मॉडल स्कूल तक: बिहार के विकास पर सीएम का बड़ा बयान

विकास, सुशासन और सख्त प्रशासन—बिहार का नया रोडमैप

Rashmi Tiwari
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NEWS PR डेस्क : मुख्यमंत्री ने गया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य के विकास, रोजगार सृजन, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में गया में टेक्नोलॉजी पार्क का शिलान्यास, आरा में एक्वा पार्क का शिलान्यास और पटना में डेयरी से जुड़े कार्यालय का उद्घाटन होना बिहार के लिए बड़े विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इन तीन बड़ी योजनाओं की शुरुआत से राज्य में औद्योगिक और तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 की तुलना में आज बिहार में बिजली, रोजगार और आधारभूत ढांचे में बड़े बदलाव आए हैं।
उन्होंने कहा कि पहले एमएसएमई सेक्टर में सीमित लोग जुड़े थे, लेकिन अब लाखों लोग इससे जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों लोगों को किसी न किसी रूप में रोजगार मिला है। पूर्व सरकारों और वर्तमान विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में चहुंमुखी विकास हुआ है और सरकार की योजनाएं अब सीधे जमीन पर दिख रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पहले बिहार में लगभग छह लाख लोग इस क्षेत्र से जुड़े थे, लेकिन पिछले चार वर्षों में यह संख्या बढ़कर 47 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बिहार में काम नहीं होने के दावे गलत हैं। उन्होंने कहा , मैं कहता हूं सिर्फ जीतनराम मांझी से पूछ लीजिए पिछले चार वर्षों में 1.87 करोड़ लोगों को जीतनराम मांझी के विभाग ने रोजगार दिया। नीतीश कुमार ने 20 सालों में बिहार का चहुमुखी विकास किया है।
वहीं बिजली व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में बिजली क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2005 में जहां राज्य में केवल 17 लाख विद्युत कनेक्शन थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 2.22 करोड़ से अधिक हो चुकी है। बिहार में इस समय देश की सबसे सस्ती और सबसे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिस पर लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।
कल प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना शुरु किया गया है। इसके तहत गरीबों के घर में सोलरयुक्त बिजली देने का काम करेंगे। 125 यूनिट के बाद 126वां यूनिट जैसे ही निर्मित होगा उसका पैसा सरकार देगी। जीएसटी के पहले कोई नहीं कहता था कि गरीबों का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में है। बिहार के समृद्धि के लिए रास्ता खोलना है। जितने काम सीएम नीतीश कुमार के कार्यकाल में बाकी रह गए हैं उन्हें और तेजी से आगे बढ़ाना है। जबतक उद्योग और प्रशासनिक व्यवस्था ठीक नहीं होगी। बिहार नहीं बदल सकता है। जबतक उद्योग और प्रशासनिक व्यवस्था ठीक नहीं होगी। बिहार नहीं बदल सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को अब और तेज़ी से काम करना होगा क्योंकि बिहार और अन्य राज्यों के बीच विकास का अंतर अभी भी मौजूद है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि काम में लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी और तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई अनिवार्य होगी।उन्होंने भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही और कहा कि सुशासन के लिए इन तीनों बुराइयों को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को किसी भी चुनौती का 48 घंटे के भीतर जवाब देना होगा।

उन्होंने कहा कि सुशासन तभी स्थापित हो सकता है जब राज्य में अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण हो। अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि या तो वे कानून के दायरे में आएं या फिर जेल में रहें। उन्होंने यह भी दावा किया कि कड़े कदमों के चलते अधिकांश अपराधी राज्य छोड़ चुके हैं, जबकि जो बचे हुए हैं, उन पर लगातार नजर रखी जा रही है और पुलिस पूरी सक्रियता से कार्रवाई कर रही है।

सरकारी कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने कहा कि अब प्रशासनिक व्यवस्था में समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य कर दी गई है। सहयोग कार्यक्रम के तहत आने वाले आवेदनों पर यदि 10 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो 11वें दिन संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा।इसी तरह 20 दिन तक कार्रवाई नहीं होने पर दूसरा नोटिस, 25 दिन पर तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा और यदि 30 दिन के भीतर भी काम पूरा नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

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उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने के लिए यदि 30 दिनों के भीतर एनओसी जारी नहीं होता है, तो 31वें दिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीधे एनओसी प्रदान कर दिया जाएगा, ताकि निवेश और औद्योगिक विकास में किसी प्रकार की देरी न हो।उन्होंने बताया कि सभी प्रकार की पेंशन राशि के भुगतान के लिए प्रत्येक महीने की 10 तारीख तय कर दी गई है, जिससे लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।

महिला सशक्तिकरण योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1.88 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त भेजी जा चुकी है। वहीं, करीब 20 लाख महिलाओं को दूसरी किस्त के लिए चिन्हित किया गया है।उन्होंने आगे जानकारी दी कि अगले महीने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बिहार आगमन के दौरान शेष लाभार्थी महिलाओं के खातों में भी 10-10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन प्रखंडों में अभी तक डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नए कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जाएंगे।
क्षेत्रीय विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना की योजना पर भी काम किया जा रहा है। जल संसाधनों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि फल्गु नदी के पुनरुद्धार के लिए इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाण सागर परियोजना से जल उपलब्ध कराकर नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में खेल और आधारभूत संरचना को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्टेडियम निर्माण की योजना है। इसके लिए 30 से 40 एकड़ भूमि उपलब्ध होने पर तेजी से कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोग देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और राज्य का योगदान हर स्तर पर दिखाई देता है। उन्होंने अपील की कि प्रवासी बिहारी अपने राज्य में लौटकर विकास कार्यों में सहयोग करें, ताकि बिहार को एक विकसित राज्य बनाया जा सके।

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