गया में फर्जी सिम रैकेट का खुलासा, 2.91 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े 11 मोबाइल नंबर बरामद

गरीबों के दस्तावेजों पर जारी होते थे सिम, देशभर में करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा

Rashmi Tiwari
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NEWS PR डेस्क: गया। बिहार में बढ़ते साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए गया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त अभियान में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 11 मोबाइल नंबर बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में इन नंबरों से जुड़े मामलों में करीब 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है।


एसएसपी के निर्देश पर चला विशेष अभियान
वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर साइबर थाना गया और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार, एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के विश्लेषण के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों का सुराग मिला।
तकनीकी जांच में पता चला कि ये नंबर एक प्वाइंट ऑफ सेल (POS) के माध्यम से जारी किए गए थे, जिसका संचालन गया जिले से किया जा रहा था। इसके बाद गठित विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और छापेमारी के दौरान आरोपी गौतम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
गरीब लोगों के दस्तावेजों पर जारी कराता था सिम
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह ग्रामीण इलाकों के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों के दस्तावेजों पर सिम कार्ड जारी कराता था। कई मामलों में लोगों की जानकारी के बिना अतिरिक्त सिम भी सक्रिय कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचा देता था।
निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर होती थी ठगी
पुलिस के अनुसार, इन्हीं सिम कार्डों का इस्तेमाल कर देशभर में निवेश (इन्वेस्टमेंट), ऑनलाइन ट्रेडिंग और अन्य आकर्षक योजनाओं के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। बरामद 11 मोबाइल नंबरों पर विभिन्न राज्यों से कुल 22 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिली हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 103/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साइबर थाना अध्यक्ष ने बताया कि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। तकनीकी जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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