बगहा से आ रहीं है जहाँ रामनगर के दोन इलाके में आईं बाढ़ से हाहाकार मचा है। पहाड़ी नदी की तेज़ धार में नीजी बांध टूटने के कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी तेज़ी से प्रवेश क़र रहा है। जिसके बाद ग्रामीणों में अफरा तफ़री मची है। दरअसल नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रहीं बारीश के साथ इलाके में भी अचानक हुई मूसलाधार बारिश के बाद एकाएक मसान नदी एक बार फिर उफान पर है।
पहाड़ी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामनगर प्रखंड के दोन क्षेत्र के शीतलबाड़ी, सेमरहनी, चंपापुर,पिपरा,रघिया और बनबारी दोन समेत कमरछीनवा जैसे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।अचानक आई बाढ़ से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। नदी का पानी कई घरों में प्रवेश कर गया है,!
जबकि गांवों को जोड़ने वाले रास्ते भी प्रभावित हुए हैं।
ऐसे में ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है की पश्चिम चम्पारण ज़िला के रामनगर प्रखंड का दोन क्षेत्र नेपाल की तराई से घिरा औऱ सटा हुआ आदिवासी बाहुल्य इलाका है। जहाँ 22 नदियों से घिरे बनकटवा औऱ नौरंगिया दोन इन दो पंचायतों के दर्जनों गाँवों कों जोड़ने वाली नदियों पर न तों कोई पुल बन सका है औऱ ना हीं पक्की सड़क नसीब हुईं है !
लिहाजा आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी दोन वासियों कों हर साल 3-4 महीने बाढ़ औऱ बरसात में जल कैदी बनकर घरों में कैद होना पड़ता है । इस संबंध में दोन के बीडीसी भूपनारायण महतो ने जानकारी देते हुए बताया कि अचानक हुई तेज बारिश के कारण इलाके में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गईं है और हालात ऐसे हैं की कई घरों में पहाड़ी नदी का पानी घुस गया है। नतीजतन ग्रामीणों के सामने आवागमन समेत जलभराव से कई तरह की परेशानियां खड़ी हो गई हैं लोग चारों ओर से सैलाब में घिर गए हैं यहीं वज़ह है !
सरकार औऱ प्रशासन से राहत बचाव की मांग हो रहीं है ।
बता दें की सम्राट सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम की पहल पर बिजली, सड़क औऱ पुल निर्माण की आस जगी है क्योंकि हाल हीं में कुछ निर्माण सामग्रीयां जगह जगह गिराई गईं हैं लेकिन बरसात के कारण अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है ऐसे में फ़ल्ड रिटर्न 2 नें दोन वासियों की मुश्किलें बढ़ा दीं हैं ।
पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट ;-