आईआईटी छात्राओं की पीएम मोदी को ऑपरेशन सिंदूर राखी, बॉर्डर पर तैनात हजारों जवानों को भी भेजेगी राखियां

Jyoti Sinha
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गया. गया का पटवा टोली को आईआईटियन की नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां की आईआईटी की तैयारी करने वाली छात्राएं इन दिनों राखियां बना रही है. इस बार आईआईटियन के गढ़ से छात्राएं पीएम मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की स्पेशल राखियां भेजेंगी. इतना ही नहीं, यहां की छात्राएं हजारों राखियां तैयार कर रही है, जो कि दूसरे देशों की सीमाओं से लगे भारत के बॉर्डर पर तैनात आर्मी को भेजी जाएगी. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आईआईटी की तैयारी करने वाली ये छात्राएं स्पेशल राखियां भेजेगी. पटवा टोली के सैकड़ो छात्र-छात्राएं सफल होकर इंजीनियर बने हैं, जो कि देश ही नहीं बल्कि विश्व के दर्जन भर से अधिक देशों में अपना परचम लहरा रहे हैं.

ऐसे में एक बार फिर से आईआईटियन की नगरी पटवाटोली फिर से चर्चा में है. इस बार ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से उत्साहित आईआईटी की छात्राएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए स्पेशल राखियां तैयार कर रही है. आईआईटी की छात्राएं खुद अपने हाथों से घंटों मेहनत कर राखियां बनाने में जुटी हुई है. प्रतिदिन आईआईटी की छात्राएं मिलकर राखियां बना रही है. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद स्पेशल राखी तैयार हो रही है. वही, दूसरे देश की सीमाओं से सटे भारत के बॉर्डर पर तैनात जवानों के लिए भी राखियां तैयार हो रही है. गया जी के मानपुर स्थित पटवा टोली में ‘वृक्ष वी द चेंज’ संस्था है, जो कि छात्र-छात्राओं को निशुल्क आईआईटी की तैयारी करवाती है. यहां सैकड़ो छात्राएं प्रतिदिन पढ़ने आती है. अब जब रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आने लगा है, तो यहां छात्राएं राखियां बना रही है. इस बार 2000 से अधिक राखियां इन छात्राओं के द्वारा बनाई जाएगी. राखियों को बनाने में जुटी आईआईटी की छात्राएं बताती है, कि हम लोग पिछले कई सालों से देशभर में बॉर्डर पर तैनात आर्मी के लिए रक्षासूत्र के रूप में राखियां भेजते हैं. आर्मी पोस्ट ऑफिस के लिए सीधे राखियां यहां से जाती है. इस बार हम लोग 2000 से अधिक राखियां बना रहे हैं. छात्राएं बताती है, कि विभिन्न कोड, आर्मी पोस्ट ऑफिस के पत्ते से सैनिकों- ऑफिसरों के लिए राखियां भेजी जाती है. इसका पता ऑनलाइन से हम लोग करते हैं और उस पते पर राखियां भेजते हैं. छात्राएं बताती है, कि जिस तरह बॉर्डर पर तैनात जवान हमारी रक्षा करते हैं. इस प्रकार हम बहनों को भी फर्ज है, कि वह अपने आर्मी भाइयों के लिए राखियां भेजें. क्योंकि बॉर्डर पर तैनात सैनिक अपने देश की रक्षा में जुड़े होते हैं. सभी सैनिक-ऑफिसर अपने घर पर नहीं जा सकते. ऐसे में उन्हें राखियां भेज कर एहसास कराते हैं, कि उनकी एक- दो बहने नहीं बल्कि सैकड़ो हजारे बहने हैं.

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इससे आर्मी भाइयों को निश्चित तौर पर खुशी होती है और उन्हें रक्षाबंधन के त्योहार में किसी तरह की कमी का एहसास नहीं होता है. आईआईटी की तैयारी करने वाली छात्राएं बताती हैं, कि यहां की बनी राखियां चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत अन्य देश से जुड़े बॉर्डर पर तैनात भारतीय सैनिकों- ऑफिसरों के लिए राखियां भेजेगी. इसकी शुरुआत कर दी गई है. नॉर्थ ईस्ट, अंडमान निकोबार द्वीप सहित वेस्टर्न साइट समेत भारत के साथ जो भी दूसरे देश की सीमाएं हैं और जहां हमारे सैनिक भाई तैनात हैं, उनके लिए राखियां भेजी जा रही है.पहलगाम में आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. इसमें लगभग 100 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था. उसी को हम लोग ध्यान में रखते हुए धन्यवाद कहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए स्पेशल राखी तैयार की गई है. तिरंगे की तर्ज पर यह राखी बनाई गई है, जो नेशनल थीम को दर्शाता है. हम लोग बहुत-बहुत आभारी हैं, कि हमारे जो सोल्जर है, वह हमारे लिए खड़ा रहते हैं. हमारे देश की सरकार सही निर्णय लेती है और हमेशा हर एक चीजों को अच्छे तरीके से अंजाम देती है.शालिनी सुमन, आईआईटी की तैयारी करने वाली छात्रा.पटवाटोली को विलेज ऑफ़ आईआईटियन बोला जाता है.

यहां हर साल दर्जनों बच्चे आईआईटी क्वालीफाई करते हैं. इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, उसे लेकर इस बार हमारी बच्चियों राखी को लेकर ज्यादा उत्साहित है. प्रधानमंत्री को राखी भेजेगीं, जो कि स्पेशल होगी. प्रधानमंत्री को तिरंगे वाली नेशनल थीम की राखी भेजी जाएगी. वहीं, हजारों सैनिकों और ऑफिसर के लिए भी राखियां भेजी जाएगी. पीएमओ ऑफिस को स्पेशल राखी भेजी आएगी. पीएम को भेजी जाने वाली राखी तिरंंगे वाली होगी, जिसमें देश का थीम दर्शाए जाएंगे.चंद्रकांत पाटेश्वरी, ‘वृक्ष वी द चेंज’ के फाउंडर.

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