भारत ने दिखाई ताकत: ऑपरेशन सिंदूर से 9 आतंकी ठिकाने ध्वस्त

Patna Desk
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दिल्लीः ऑपरेशन सिंदूर पर सेना की प्रेस वार्ता। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने संबोधित करते हुए कहा, “पहलगाम हमला स्पष्ट रूप से जम्मू-कश्मीर में बहाल हो रही स्थिति को प्रभावित करने के लिए किया गया था। पिछले साल सवा दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक कश्मीर आए थे। हमले का तरीका जम्मू-कश्मीर और शेष राष्ट्र में सांप्रदायिक दंगे भड़काने था लेकिन इसको भारत सरकार और देश के नागरिकों ने विफल कर दिया। भारत की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।” पहलगाम आतंकी हमला 2008 में मुंबई अटैक के बाद सबसे बड़ा था, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा ने कराया था, जो पाकिस्तान से संचालित है। उन्होंने कहा कि इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फोर्स ने ली थी, जो लश्कर-ए-तैयबा का ही एक संगठन है।

विदेश सचिव ने कहा कि यह संगठन मुखौटा ग्रुप है, जो लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों की आतंकी हरकतों को ही अंजाम देता है। भारत सरकार ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान से इस संगठन का जिक्र हटवाने के लिए पाकिस्तान ने पूरा जोर लगा दिया। इससे साबित होता है कि पाकिस्तान का लिंक इस संगठन से था और उसकी ही शह पर यह हमला हुआ। विक्रम मिसरी ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवाद की शरण स्थली के तौर पर पहचान बना चुका है। लश्कर-ए-तैयाब के आतंकियों ने भारतीय पर्यटकों पर हमला किया। 25 भारतीयों और 1 नेपाली नागरिक को मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले का उद्देश्य यह था कि इस राज्य में विकास और प्रगति को रोककर पिछड़ा बनाए जाए और सीमा पार पाकिस्तान के लिए उपजाऊ बनाए रखने के लिए मदद की जाए। पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है। हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने हमले में शामिल लोगों से जुड़ी जानकारी जुटा ली है। इस हमले का कनेक्शन पाकिस्तान से है। पाकिस्तान दुनियाभर में आतंकवादियों के लिए एक शरण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। हमले के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान ने आतंकवादियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। उसने उल्टा आरोप लगाया।

भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। इसलिए इससे निपटना जरूरी है। आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारत ने जवाब दिया है। आतंकी जम्मू कश्मीर में विकास को रोकना चाहते हैं। टीआरएफ लश्कर से जुड़ा संगठन है। पहलगाम हमले में टीआरएफ का ही हाथ है। ऑपरेशन सिंदूर भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है। पहलगाम हमले का मकसद देश में सांप्रदायिक दंगे भड़काना है। भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के शिकार लोगों को न्याय दिलाने के लिए लॉन्च किया गया। इस कार्रवाई में 9 आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया और उन्हें बर्बाद किया गया।

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