वायरल वीडियो से चर्चा में आईं IPS शैलजा दास, 23 साल की उम्र में हासिल की UPSC में 83वीं रैंक

Shreya Raj
वायरल वीडियो के बाद सुर्खियों में आईं पटना सिटी एसपी आईपीएस शैलजा दास।

NEWS PR डेस्क : पटना की सड़कों पर प्रदर्शन के दौरान शांत और संयमित तरीके से कानून-व्यवस्था संभालने वाली आईपीएस अधिकारी शैलजा दास इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। एक वायरल वीडियो में वह पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों के प्रति संयम बरतने और उनकी अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करने की बात कहती नजर आईं। उनके इस अंदाज के बाद लोग उन्हें सोशल मीडिया पर ‘Gen Z Lady Singham’ कहकर भी संबोधित कर रहे हैं। 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी शैलजा दास वर्तमान में पटना पूर्वी की सिटी एसपी के पद पर तैनात हैं।

प्रदर्शन के दौरान दिया संदेश हुआ वायरल

शैलजा दास का वीडियो प्रदर्शन के दौरान सामने आया, जिसमें वह अपने साथी पुलिस अधिकारियों को स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की सलाह देती दिखीं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी बात कहने और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है और जब तक प्रदर्शनकारी पुलिस के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करते, तब तक पुलिस को भी उनके खिलाफ बल प्रयोग नहीं करना चाहिए।

उनके इस बयान और प्रदर्शनकारियों के प्रति संयमित रवैये की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। वायरल वीडियो के बाद कई लोगों ने उनके फैसले और शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति संभालने की सराहना की।

सहरसा की रहने वाली हैं शैलजा दास

आईपीएस शैलजा दास मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले के कायस्थ टोला की रहने वाली हैं। उनका जन्म 7 नवंबर 1997 को हुआ था। उनके पिता डॉ. अजय दास हैं और उनकी मां का नाम अर्चना दास है। शैलजा दास को Gen Z यानी जनरेशन जेड की आईपीएस अधिकारियों में गिना जाता है।

सहरसा से दिल्ली तक की पढ़ाई

शैलजा दास की शुरुआती पढ़ाई सहरसा में हुई। उन्होंने वर्ष 2013 में बुधा पब्लिक स्कूल, सहरसा से प्रथम श्रेणी के साथ 10वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गईं।

दिल्ली में उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। 12वीं की परीक्षा में उन्होंने 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचीं, दूसरे प्रयास में बनीं IPS

कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद शैलजा दास ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने वर्ष 2020 में पहली बार UPSC परीक्षा दी और अपने पहले ही प्रयास में इंटरव्यू राउंड तक पहुंचने में सफल रहीं।

हालांकि उनका चयन नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अगले प्रयास में उन्होंने और बेहतर तैयारी की। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 में शैलजा दास ने ऑल इंडिया रैंक 83 हासिल की। महज 23 साल की उम्र में उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS में जगह बनाई और उन्हें उनका होम कैडर बिहार मिला।

लालगंज से शुरू हुआ पुलिसिंग का सफर

बिहार कैडर मिलने के बाद शैलजा दास ने पुलिस सेवा में अपना करियर शुरू किया। वह बतौर प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी वैशाली जिले के लालगंज थाना में तैनात रहीं और थाना प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।

इसके बाद उन्हें नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल में SDPO-1 के पद पर नियुक्त किया गया। पुलिस सेवा में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने के बाद उन्हें 18 जून 2026 को हिलसा, नालंदा के SDPO-1 पद से स्थानांतरित कर नगर पुलिस अधीक्षक यानी सिटी एसपी (पूर्वी), पटना बनाया गया।

पटना में जिम्मेदारी संभाल रहीं ‘Gen Z Lady Singham’

वर्तमान में शैलजा दास पटना पूर्वी की सिटी एसपी के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान उनके वायरल वीडियो ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

सहरसा के एक छोटे से इलाके से पढ़ाई शुरू कर दिल्ली के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचने और फिर UPSC परीक्षा में 83वीं रैंक हासिल कर IPS बनने तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद सफलता न मिलने पर उन्होंने तैयारी जारी रखी और अगले प्रयास में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर अपना लक्ष्य हासिल किया।

सोशल मीडिया पर जमकर हो रही चर्चा

प्रदर्शन के दौरान शैलजा दास का शांत और संतुलित रवैया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करने वाले उनके संदेश को लेकर कई लोगों ने उनकी सराहना की।

शैलजा दास का यह सफर बताता है कि निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के जरिए बड़ी से बड़ी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है। सहरसा से निकलकर UPSC में ऑल इंडिया रैंक 83 हासिल करने और बिहार कैडर की IPS अधिकारी बनने तक की उनकी कहानी आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

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