IRCTC घोटाला: लालू-राबड़ी की बढ़ीं मुश्किलें, 24 गवाहों ने दी खिलाफ गवाही

Neha Nanhe
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NEWS PR डेस्क : बहुचर्चित आईआरसीटीसी घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में अब तक करीब दो दर्जन गवाह अदालत में उनके खिलाफ बयान दर्ज करा चुके हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने IRCTC मामले में अभियोजन पक्ष के लगभग 24 गवाहों की मुख्य गवाही पूरी कर ली है। यह केस जुलाई 2017 में दर्ज किया गया था, जिसमें तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिजनों और अन्य आरोपियों पर IRCTC होटलों के टेंडर नियमों में कथित तौर पर हेरफेर कर अवैध लाभ कमाने का आरोप है।

IRCTC केस में अहम मोड़

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सूत्रों के अनुसार, अब तक पेश किए गए सभी गवाहों ने लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। सीबीआई की तैयारी अगले सप्ताह अभियोजन पक्ष के लगभग दो दर्जन और गवाह अदालत में पेश करने की है।

सूत्रों का कहना है कि ये गवाह लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों की कथित भूमिका को लेकर गवाही देंगे। अभियोजन की मुख्य पूछताछ पूरी होने के बाद बचाव पक्ष के वकील इन गवाहों से जिरह करेंगे, जिसकी शुरुआत इस महीने के अंत तक होने की संभावना है।

पिछले वर्ष अक्टूबर में CBI की विशेष अदालत ने पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। अदालत ने लालू प्रसाद पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत भ्रष्टाचार,आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और अन्य मामलों में मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। वहीं राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य पर साजिश और धोखाधड़ी समेत कई आरोप लगाए गए थे।

विशेष CBI जज विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया यह सामने आता है कि पूरी प्रक्रिया की जानकारी लालू प्रसाद यादव को थी और उन्होंने होटलों के ट्रांसफर को प्रभावित करने के लिए हस्तक्षेप किया। 13 अक्टूबर को फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने टिप्पणी की थी कि टेंडर प्रक्रिया में अहम बदलाव किए गए और इस बात की स्पष्ट संभावना है कि बिक्री के वक्त जमीन के प्लॉट्स का कम मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद वे लालू प्रसाद यादव के पास पहुंच गए।

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