NEWS PR डेस्क: पटना, 01 मई. बिहार लोक सेवा आयोग ने प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। आयोग ने संकेत दिया है कि आगामी बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (प्रिलिम्स) में अभ्यर्थियों को एक बार फिर ‘E’ ऑप्शन दिया जाएगा, जिसे पहले विरोध के बाद हटा दिया गया था।
नई व्यवस्था के तहत अब प्रश्न पत्र में A, B, C और D के साथ ‘E’ विकल्प भी शामिल रहेगा। ‘E’ का अर्थ होगा “प्रश्न का प्रयास नहीं किया गया”। यानी, यदि किसी अभ्यर्थी को प्रश्न का उत्तर नहीं पता है, तो उसे अनिवार्य रूप से ‘E’ विकल्प चुनना होगा।
अब तक की व्यवस्था में अभ्यर्थियों को कुछ सवाल छोड़ने की छूट थी, जिससे कई बार उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन पर असर पड़ने की आशंका जताई जाती थी। आयोग का मानना है कि हर प्रश्न पर स्पष्ट उत्तर दर्ज करने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और निष्पक्ष बनेगी।
हालांकि, इस नए नियम के साथ सख्ती भी बढ़ाई गई है। यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न में A, B, C, D या ‘E’ किसी भी विकल्प को चिह्नित नहीं करता है, तो उसके लिए 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। इससे अभ्यर्थियों को हर प्रश्न पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
इस फैसले को लेकर अभ्यर्थियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि पहले की तरह इस बार भी कुछ अभ्यर्थी इस नियम का विरोध कर सकते हैं, जबकि आयोग इसे परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।