NEWS PR डेस्क: पटना, 17 जून। बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड स्थित नदियावां गांव से इस अभियान की शुरुआत की और फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी 73 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक योजनाओं की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
18 से 20 लाख लोगों को मिलेगा पेंशन योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 18 से 20 लाख ऐसे पात्र लोग हैं, जिनका केवाईसी पूरा नहीं हुआ है या जिनका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है, जिसके कारण वे सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।
सभी प्रखंडों में बनेंगे मॉडल स्कूल
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार के सभी 534 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में सांसद, मंत्री, अधिकारी और गरीब परिवारों के बच्चे एक साथ पढ़ेंगे, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर सुनिश्चित होगा। इसके अलावा फुलवारीशरीफ प्रखंड के मध्य विद्यालय नदियावां को प्लस टू विद्यालय में उत्क्रमित करने की भी घोषणा की गई।

नत्थूपुर सड़क को एम्स गोलंबर से जोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नत्थूपुर सड़क को एम्स गोलंबर से जोड़ने की योजना पर काम किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा।
दो वर्षों में एक करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में अब तक 48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में एक करोड़ जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लंबित लाभार्थियों के खातों में एक माह के भीतर राशि भेज दी जाएगी।
30 जून तक मिलेगा मनरेगा का बकाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि बिहार को मनरेगा मद की लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की बकाया राशि 30 जून तक उपलब्ध करा दी जाएगी।
तीन वर्षों में बनेगा नया मरीन ड्राइव
बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में पीपीपी मॉडल पर कोईलवर से दीघा और मुंगेर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में नई टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है, जिसमें लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अस्पतालों में अनावश्यक रेफरल की व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। 15 अगस्त से ऐसी व्यवस्था लागू करने की तैयारी है, जिसमें केवल गंभीर मरीजों को ही पीएमसीएच, आईजीआईएमएस और अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, विधायक श्याम रजक, विधान पार्षद रविंद्र प्रसाद सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम है, जिससे योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सके।
