NEWS PR डेस्क: बिहार के मोकामा क्षेत्र में 22 फरवरी को हुए विवाद के बाद सियासी और आपराधिक तनाव फिर गहरा गया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में 24 फरवरी को पंडारक और मोकामा थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दो थानों में दर्ज हुए केस
पंडारक थाना क्षेत्र के उच्चापर टोला वार्ड-8 निवासी अमित कुमार ने लिखित आवेदन देकर पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, कन्हैया सिंह, माधव कुमार उर्फ खन्ना सिंह समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। यह मामला पंडारक थाने में कांड संख्या 46/26 के तहत दर्ज हुआ है।
वहीं, मोकामा थाने में भी सूरजभान सिंह, चंदन सिंह और कन्हैया सिंह सहित छह लोगों के खिलाफ कांड संख्या 92/26 दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
जानलेवा हमले का आरोप
अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि 22 फरवरी की दोपहर करीब 3:10 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके भाई शोभीर उर्फ सुमित की हत्या कर दी गई है। जब वे अपनी कार से मोकामा से पंडारक की ओर आ रहे थे, तभी मेकरा के पास आरोपियों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी।
अमित का दावा है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की नीयत से गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। किसी तरह वे मौके से भाग निकले। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश रची गई और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
गला दबाकर हत्या की कोशिश का आरोप
घायल शोभीर उर्फ सुमित, जो फिलहाल पटना में इलाजरत हैं, ने भी पुलिस को दिए बयान में कहा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अनंत सिंह का समर्थन किया था। इसी रंजिश में उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की गई और गमछा से गला दबाकर हत्या की कोशिश की गई।
घटना के बाद उन्हें पहले पंडारक पीएचसी, फिर बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल और बाद में पीएमसीएच रेफर किया गया।
चुनावी रंजिश की चर्चा
परिजनों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद से दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है। शोभीर और उनके भाइयों पर उस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अब इसी रंजिश में दोबारा जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस जांच में जुटी
दोनों थानों की पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दर्ज शिकायत और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मोकामा क्षेत्र में इस घटना के बाद एक बार फिर चुनावी रंजिश और राजनीतिक तनाव की चर्चा तेज हो गई है।