बिहार में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 17 जिलों के लिए बारिश, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। इनमें 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 5 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। कई जिलों में सुबह से काले बादल छाए हुए हैं, जबकि पटना, बगहा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और कटिहार में हल्की बारिश दर्ज की गई है। बगहा में गुरुवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा और समस्तीपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं, भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।
5 जिलों में येलो अलर्ट
वहीं खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, जमुई और बांका में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बिहार में मानसून सक्रिय रहेगा। राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होती रहेगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
मानसून सक्रिय होने के बावजूद बिहार के कई जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। पटना, गया, सीवान, सारण, कैमूर, औरंगाबाद, बक्सर, नवादा, नालंदा, पूर्णिया, अररिया और मधुबनी सहित कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में स्थिति बेहतर है, जबकि दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों को अभी अच्छी बारिश का इंतजार है।
कटिहार में सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक वर्षा कटिहार जिले में दर्ज की गई, जहां 108.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं राजधानी पटना में सुबह से बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने दिन में कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना भी जताई है। हालांकि तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाल की बारिश से बढ़ा गंडक नदी का जलस्तर
वहीं नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद वाल्मीकिनगर बराज से 80,300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जल संसाधन विभाग ने तटबंधों और नदी के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी है।
