NEWS PR डेस्क: समस्तीपुर, 10 जून। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) को एक बड़ी सफलता मिली है। समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल स्थित चकबहुद्दीन पंचायत के मुखिया सिया राम राय को 1.20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, चकबहुद्दीन पंचायत निवासी शिक्षक अब्दुल मनान ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि पंचायत स्तर पर एक कार्य के निष्पादन के बदले मुखिया सिया राम राय उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई।
प्राथमिक जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की। विजिलेंस के डीएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष छापेमारी दल ने मंगलवार को जाल बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता शिक्षक अब्दुल मनान को केमिकल लगे नोट दिए गए और मुखिया तक रकम पहुंचाने को कहा गया।

जैसे ही मुखिया ने 1.20 लाख रुपये की रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से सादे कपड़ों में मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा। कार्रवाई इतनी त्वरित थी कि आरोपी को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम आरोपी मुखिया को अपने साथ समस्तीपुर सर्किट हाउस ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों द्वारा आवश्यक कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रियाएं भी पूरी की जा रही हैं।
निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि सिया राम राय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि रिश्वतखोरी का यह मामला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
गौरतलब है कि बिहार में हाल के महीनों में निगरानी विभाग द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों तक पर शिकंजा कसने से भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्ती स्पष्ट दिखाई दे रही है।
