बिहार में अल्पसंख्यक कल्याण को नई रफ्तार: मदरसा आधुनिकीकरण, आवासीय विद्यालय और उद्यमी योजना पर सरकार का फोकस

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा की है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सरकार शिक्षा, रोजगार, आधारभूत संरचना और वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है।
हर प्रखंड में अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय बनाने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक प्रखंड में अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय स्थापित करना है। पहले चरण में 75 प्रखंडों में कार्यालयों की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके लिए 459 नए पद सृजित किए गए हैं और इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया 70वीं एवं 71वीं बीपीएससी के माध्यम से पूरी की जाएगी।
मदरसों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर
बिहार राज्य मदरसा सुदृढ़ीकरण योजना के तहत 68 मदरसों में नए भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 18 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। विभाग के अनुसार मदरसों में स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन शिक्षा और विभिन्न स्किल डेवलपमेंट कोर्स संचालित किए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण भी मिल सके।
सीमांचल में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा
सीमांचल क्षेत्र की 764 पंचायतों में “हमारी इच्छा: आधुनिक शिक्षा” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बीच आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का विस्तार
राज्य के 24 जिलों में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 2 विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जबकि 4 विद्यालयों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन योजनाएं
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत आवेदन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लाभ मिल सके।
उद्यमी योजना से युवाओं को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत अब तक 3,741 लाभार्थियों को लगभग 270 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा कोचिंग, छात्रावास और मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आधारभूत संरचना के विकास पर भी जोर
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण का कार्य जारी है, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण
विभाग ने बताया कि बिहार में 6,700 सुन्नी और 5,955 शिया वक्फ संपत्तियों का विवरण UMEED पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और निगरानी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार राज्य हज समिति की गतिविधियों और वक्फ विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी साझा की गई।

Share This Article