NEWS PR डेस्क: पटना, 19 जून। बिहार सरकार युवाओं को रोजगार और आधुनिक कौशल से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। सात निश्चय-3 के तहत युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि राज्य की कौशल विकास प्रणाली को भविष्य की औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों के अनुरूप पुनर्संरचित किया जाएगा, ताकि युवाओं को बदलते रोजगार बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके।
विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में कौशल विकास, रोजगार सृजन, उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, वैश्विक रोजगार अवसरों और नई तकनीकों पर आधारित कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया गया।
सात महीने में 63,115 रोजगार अवसरों का सृजन
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री के “दोगुना रोजगार-दोगुनी आय” लक्ष्य को साकार करने की दिशा में नवंबर 2025 से मई 2026 के बीच विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से 63,115 रोजगार अवसर सृजित किए गए हैं। वहीं बिहार रोजगार सेतु पोर्टल के जरिए अब तक 68,822 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
एआई, इलेक्ट्रिक व्हीकल और ग्रीन जॉब्स पर होगा फोकस
विकास आयुक्त ने विभाग को निर्देश दिया कि सोलर टेक्नोलॉजी, एसी तकनीशियन, प्लंबिंग, एनर्जी मैनेजमेंट, बैटरी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ग्रीन जॉब्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि अग्रणी उद्योगों और कंपनियों के साथ साझेदारी कर ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं, जो युवाओं को रोजगार बाजार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करें।
बेल्ट्रॉन और IIIT के सहयोग से बनेगा आधुनिक मूल्यांकन केंद्र
बैठक में दशरथ मांझी कौशल एवं नियोजन परिसर में बेल्ट्रॉन के सहयोग से स्थायी परीक्षण एवं मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव की समीक्षा की गई। यह केंद्र प्रतिदिन कम से कम 100 अभ्यर्थियों की क्षमता के साथ कौशल परीक्षण, टाइपिंग टेस्ट, एप्टीट्यूड मूल्यांकन और अन्य रोजगारोन्मुखी परीक्षाओं का आयोजन करेगा।
सफल अभ्यर्थियों को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) के सहयोग से प्रमाणन उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 आईटीआई का आधुनिकीकरण
राज्य के 149 आईटीआई संस्थानों को टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आधुनिक बनाया गया है। इन संस्थानों में इलेक्ट्रिक व्हीकल, इंडस्ट्री 4.0, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमेशन सहित 23 अत्याधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा 44 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से अब तक 26,740 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 4,600 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।
3,615 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होंगे ITI क्लस्टर
प्रधानमंत्री स्किलिंग फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड उन्नति (PM-SETU) कार्यक्रम के तहत राज्य में 15 हब और 60 स्पोक आईटीआई क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 3,615 करोड़ रुपये है।
अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम उद्योग आधारित प्रशिक्षण, आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल लर्निंग और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को नई दिशा देगा।
खाली सीटों को भरने के लिए नियम होंगे सरल
वर्तमान में बिहार के आईटीआई संस्थानों में लगभग 76 प्रतिशत सीटें भरी हुई हैं। विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिन संस्थानों या ट्रेडों में प्रथम चरण की नामांकन प्रक्रिया में 75 प्रतिशत से कम सीटें भरती हैं, वहां दूसरे चरण में पात्रता शर्तों को सरल बनाकर अधिक से अधिक युवाओं को प्रवेश का अवसर दिया जाए।
युवाओं को सिखाई जाएंगी विदेशी भाषाएं
बैठक में विभाग द्वारा तैयार 90 एआई आधारित वीडियो प्रशिक्षण मॉड्यूल की भी समीक्षा की गई। युवाओं की वैश्विक रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए वर्तमान में अंग्रेजी, जापानी, जर्मन और अरबी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भविष्य में कोरियन, फ्रेंच और स्पेनिश भाषाओं को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल करने की योजना है।
हेल्थकेयर सेक्टर के लिए विशेष प्रशिक्षण
विकास आयुक्त ने आगामी मेगा जॉब फेयर से पहले उद्योगों की मांग और रोजगार संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ती रोजगार संभावनाओं को देखते हुए महिला आईटीआई संस्थानों में हेल्थकेयर, पैरामेडिकल और मेडिकल सपोर्ट सेवाओं से जुड़े पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बिहार को कौशल और रोजगार का हब बनाने की तैयारी
बैठक में कहा गया कि मेगा स्किल सेंटर, आर्यभट्ट इंटरनेशनल स्किल हब, रोजगार सेतु और PM-SETU जैसी पहलें बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर कौशल विकास और रोजगार सृजन के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर सात निश्चय-3 के लक्ष्यों को हासिल करने तथा युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
