आज के पंचांग में जाने शुभ और अशुभ मुहूर्त इस समय ना करें यह काम

Rajan Singh
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NEWS PR DESK- आज नवरात्रि का छठा दिन, मां स्कंदमाता की पूजा, स्कंद षष्ठी और शनिवार व्रत है. आज पंचमी तिथि है, इसलिए आज मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है. वैसे भी आज स्कंद षष्ठी व्रत का संयोग बना है. इसमें भगवान कार्तिकेय की पूजा करते हैं. आज आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र, बालव करण, प्रीति योग, पूर्व का दिशाशूल और वृश्चिक में चंद्रमा है. रवि योग सुबह में 06:12 बजे से लेकर सुबह 07:15 बजे तक है.

रवि योग में स्कंदमाता की पूजा करें. जैसा कि आपको नाम से ही पता है स्कंदमाता वो देवी हैं, जिनके पुत्र का नाम स्कंद है. स्कंदमाता का अर्थ है स्कंद की माता. स्कंद भगवान कार्तिकेय को कहते हैं, जो देवताओं के सेनापति हैं. स्कंदमाता मां दुर्गा का पांचवा स्वरूप हैं. इनकी पूजा करने से संतान, सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने तारकासुर के वध के उद्देश्य से 6 मुखवाले स्कंद कुमार को उत्पन्न किया. रवि योग में स्कंदमाता की पूजा अक्षत्, गुड़हल या लाल गुलाब का फूल, फल, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से करें. उनको केले का भोग लगाएं. स्कंदमाता के मंत्र का जाप और आरती करें. स्कंदमाता की कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी. आज शनिवार व्रत है. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उनको नीले फूल, अक्षत्, काले तिल, धूप आदि अर्पित करें. गुलाब जामुन का भोग लगाएं.

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शनि स्तोत्र, शनि चालीसा, शनिवार व्रत कथा पढ़ें. काले रंग के कपड़े, काला कंबल, छाता, जूते, चप्पल, लोहा, सरसों के तेल, काला तिल आदि का दान करें. इससे शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से राहत मिलता है. छाया दान करने से भी कष्ट मिटते हैं. आइए जानते हैं आज के शुभ मुहूर्त और अशुभ समय.

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