पटना में अवैध कब्जे पर प्रशासन सख्त, हैंडलूम भवन पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी

नियम तोड़ने वालों पर सख्ती जारी — सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर अब नहीं कोई राहत

Rashmi Tiwari
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राजधानी पटना में अवैध निर्माण और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी में पटना नगर निगम की टीम लगातार अवैध निर्माणों पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में नगर निगम ने पटना स्थित हैंडलूम भवन में संचालित होटल, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल को अवैध घोषित कर दिया है। नगर निगम की टीम ने स्पष्ट किया है कि भवन में संचालित होटल, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल लीज शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसी कारण संबंधित पक्ष को 30 दिनों के भीतर सभी गतिविधियां बंद करने का अंतिम नोटिस जारी किया गया है। तय समयसीमा में अनुपालन नहीं होने पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

नगर निगम के अनुसार, यह भवन मूल रूप से बुनकर समुदाय के कल्याण और उनके विकास के उद्देश्य से बनाया गया था लेकिन बाद में इसका उपयोग निजी व्यावसायिक लाभ के लिए होटल और बैंक्वेट हॉल के रूप में किया जाने लगा, जो लीज शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। जांच में अनियमितता सामने आने के बाद नगर निगम ने संबंधित जमीन का आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित 30 दिनों की समयसीमा पूरी होने के बाद भवन को नगर निगम अपने कब्जे में ले लेगा।
बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त किया जाएगा
वहीं यदि तय अवधि में अवैध गतिविधियां बंद नहीं की गईं, तो प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त किया जाएगा। इस कार्रवाई को शहर में अवैध कब्जों और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। नगर निगम ने साफ किया है कि सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अब देखना होगा कि अगले 30 दिनों में संबंधित पक्ष क्या कदम उठाते हैं या फिर पटना में एक और बड़ी बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिलेगी।

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