NEWS PR डेस्क: पटना जंक्शन के पास जीपीओ गोलंबर स्थित मल्टी मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाले भूमिगत सब-वे का नाम अब ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ रखा जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव पारित हो गया है। आचार्य किशोर कुणाल महावीर मंदिर के पूर्व संस्थापक सचिव रहे हैं।
इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वातानुकूलित सब-वे को महावीर मंदिर के साथ शेयरिंग बेसिस पर संचालित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया है। इससे रामनवमी जैसे बड़े पर्वों के दौरान मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य एवं महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार सरकार और मंत्रिमंडल के प्रति आभार जताया।
रामनवमी पर श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
सायण कुणाल ने कहा कि रामनवमी जैसे बड़े पर्वों के दौरान जब श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में प्रतीक्षा करनी पड़ती है, उस समय वातानुकूलित सब-वे का उपयोग उनकी सुविधा के लिए किया जा सकेगा। इससे श्रद्धालुओं को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।उन्होंने बताया कि सब-वे में निर्मित दुकानों के संचालन का रास्ता भी स्वीकृति के बाद साफ हो सकेगा। इससे सब-वे के व्यावसायिक उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
बेगूसराय के लिए भी अहम फैसले
मंत्रिमंडल की ओर से बेगूसराय से जुड़ी बहुप्रतीक्षित मांग को ध्यान में रखते हुए आवश्यक राशि के आवंटन को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय से जुड़े प्रस्ताव को उनकी जयंती के अवसर पर स्वीकृति प्रदान की गई।इन फैसलों को बेगूसराय के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, पटना जंक्शन स्थित सब-वे के नामकरण और इसके श्रद्धालुओं के लिए उपयोग की स्वीकृति से महावीर मंदिर आने वाले लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।सायण कुणाल ने इन निर्णयों के लिए बिहार सरकार और मंत्रिमंडल के प्रति पुनः आभार व्यक्त किया।