31 साल पुराने मामले में पटना पुलिस ने पप्पू यादव को किया गिरफ्तार, जानें पूर्णिया सांसद पर क्या हैं आरोप

Asha Rai
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NEWS PR डेस्क: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई करीब 31 साल पुराने एक मामले में जमानत शर्तों के उल्लंघन के बाद कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के दौरान पटना में देर रात तक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।

जानकारी के मुताबिक, लोकसभा सत्र समाप्त होने के बाद पप्पू यादव शुक्रवार रात करीब 11 बजे दिल्ली से पटना पहुंचे थे। उसी समय पटना पुलिस की एक बड़ी टीम उनके आवास पर पहुंच गई। सिविल ड्रेस में आए अधिकारियों सहित पांच थानों की पुलिस टीम मौके पर मौजूद थी। सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। सांसद ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी वारंट नहीं दिखाया, बल्कि केवल संपत्ति कुर्की से जुड़ा कागज दिखाया गया। पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें लगा कि कुछ लोग अपराधी बनकर उन्हें नुकसान पहुंचाने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक साजिश के तहत की जा रही है।

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इस दौरान पप्पू यादव के समर्थकों ने गिरफ्तारी का जमकर विरोध किया। कुछ कार्यकर्ता पुलिस की गाड़ियों पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पप्पू यादव ने मीडिया से कहा कि वह सुबह खुद कोर्ट में पेश होने को तैयार हैं और रात में थाने नहीं जाएंगे। उन्होंने हाउस अरेस्ट की मांग भी की, लेकिन पुलिस ने इसे स्वीकार नहीं किया।

कई घंटों के हंगामे के बाद पुलिस ने सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस ले जाया गया। इस दौरान पप्पू यादव बार-बार यह कहते रहे कि पुलिस उन्हें मारने की कोशिश कर रही है।

क्या है 1995 का मामला?

यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया। मकान को निजी उपयोग के लिए लेने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में उसे राजनीतिक कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया। इस पर विवाद बढ़ा और पप्पू यादव पर धोखाधड़ी, जालसाजी, घर में अवैध प्रवेश, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए। यह मामला MP-MLA विशेष अदालत में विचाराधीन था। बार-बार पेशी में अनुपस्थित रहने के कारण कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया।

पुलिस का पक्ष:

पटना सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सांसद अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे, इसी कारण गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन करने पहुंची थी।

वकील का बयान:

पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि 1995 के मामले में जमानत टूटने के कारण पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

साजिश का आरोप:

पप्पू यादव का कहना है कि उन्होंने हाल ही में पटना में नीट छात्र की मौत और गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा था, इसलिए उन्हें दबाने के लिए यह गिरफ्तारी की गई है।

फिलहाल पप्पू यादव पुलिस हिरासत में हैं और शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। जमानत मिलेगी या न्यायिक हिरासत बढ़ेगी, इस पर फैसला कोर्ट करेगा। इस गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

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