10 दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। शनिवार सुबह से पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों की भी चिंता बढ़ा दी है।

नई कीमतें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इससे पहले 16 मई और 19 मई को भी तेल कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी की थी। बीते कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है।

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल के दाम ऊंचे रहने की वजह से आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। लगातार बढ़ती कीमतों से परिवहन क्षेत्र पर सीधा असर पड़ रहा है। डीजल महंगा होने से ट्रक, बस और मालवाहक वाहनों का परिचालन खर्च बढ़ेगा, जिसका असर बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

महंगाई की मार सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग और रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों पर पड़ रही है। निजी वाहन चलाने वालों का मासिक बजट बिगड़ सकता है, वहीं माल ढुलाई महंगी होने से सब्जी, फल, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में आम लोगों की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ने की संभावना है।

Share This Article