NEWS PR डेस्क: गया: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन की ओर से निःशुल्क सेवा शिविर शुरू किया गया है। यह शिविर चांद चौरा-विष्णुपद रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के सामने लगाया गया है। शिविर का उद्घाटन मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं की सेवा के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।
श्रद्धालुओं को मिल रहा निःशुल्क पेयजल और खाद्य सामग्री
सेवा शिविर में पितृपक्ष मेले में शामिल होने के लिए गया पहुंच रहे श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को निःशुल्क पेयजल, चाय और बिस्कुट समेत विभिन्न खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। संगठन का उद्देश्य मेले के दौरान बाहर से आने वाले लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी यात्रा को सुविधाजनक बनाना है।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने IG विकास वैभव का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
IG विकास वैभव ने सेवा कार्य की सराहना की
शिविर के उद्घाटन के मौके पर IG विकास वैभव ने संगठन की ओर से किए जा रहे सेवा कार्य की सराहना की। उन्होंने इसे सामाजिक दायित्व से जुड़ा प्रयास बताया। पितृपक्ष मेले में बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु गया पहुंचते हैं।
ऐसे में सेवा शिविर के माध्यम से उन्हें पेयजल और खाद्य सामग्री जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि मेले की अवधि में श्रद्धालुओं की जरूरत के अनुसार सेवा कार्य जारी रखा जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष बोले- सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि गया आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री अतिथि के समान है और संगठन श्रद्धालुओं के सम्मान तथा उनकी आवश्यक सुविधाओं को लेकर प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि पितृपक्ष के दौरान गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संगठन की ओर से निःशुल्क सेवा शिविर लगाया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान IG विकास वैभव और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने सेवा कार्य से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी।
गया से रिपोर्टर: आशीष कुमार