NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली/जींद, 17 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलेगी। इसके साथ ही भारत हाइड्रोजन ट्रेन संचालन करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है। इससे पहले जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन में इस तकनीक की ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
10 कोच वाली यह ट्रेन जींद-सोनीपत रेलखंड पर 14 स्टेशनों के बीच अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। रेलवे के अनुसार, यह परियोजना स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह ट्रेन पारंपरिक इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तरह ओवरहेड बिजली लाइनों पर निर्भर नहीं रहती। इसमें लगे फ्यूल सेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से ट्रेन के भीतर ही बिजली का उत्पादन करते हैं, जिससे इंजन संचालित होता है। इस प्रक्रिया के दौरान केवल पानी की भाप और गर्मी उत्सर्जित होती है, जबकि धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होता।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कार्यप्रणाली के लिहाज से यह तकनीक पुराने भाप और डीजल इंजनों से अलग है। पहले जहां ऊर्जा के लिए कोयला या डीजल का उपयोग होता था, वहीं अब स्वच्छ हाइड्रोजन ईंधन से बिजली तैयार की जाती है। इसी वजह से हाइड्रोजन ट्रेन को रेल परिवहन का सबसे पर्यावरण-अनुकूल विकल्प माना जा रहा है।
हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से भारत ने हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक नया अध्याय शुरू किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस तकनीक के विस्तार से प्रदूषण कम होगा और रेलवे के कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
