NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 10 जुलाई। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले में अभिनेता के आचरण पर सवाल उठाते हुए उसे “संदिग्ध” बताया।
मामला वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, जिसके बाद वह तय समय पर कर्ज का भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया।
इस मामले में अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी। बाद में 2019 में सत्र न्यायालय ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। इसके खिलाफ अभिनेता ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की थी।

सुनवाई के दौरान जून 2024 में हाई कोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए राजपाल यादव को बकाया करीब 9 करोड़ रुपये चुकाने के लिए समय दिया था। अदालत ने उम्मीद जताई थी कि वह भुगतान के लिए गंभीर प्रयास करेंगे, लेकिन कोर्ट के अनुसार अभिनेता अपने आश्वासन पूरे करने में विफल रहे।
अदालत ने कहा कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते पहले उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। अब हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए उनकी सजा बरकरार रखी है और संबंधित अधिकारियों को उन्हें जेल भेजने का निर्देश दिया है।
इस फैसले के साथ चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को कानूनी मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। हालांकि, यदि अभिनेता आगे किसी उच्च न्यायालय में अपील करते हैं, तो मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।
