भागलपुरवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाल करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने सेतु के एक क्षतिग्रस्त हिस्से पर पहला बेली ब्रिज बनाकर तैयार कर लिया है, जबकि दूसरे स्पैन पर बेली ब्रिज की लॉन्चिंग का कार्य भी शुरू हो गया है।

दूसरे स्पैन पर तेज हुआ काम
नवगछिया की ओर से सेतु के दूसरे क्षतिग्रस्त हिस्से पर 12 मीटर लंबे स्पैन के ऊपर 18 मीटर लंबा बेली ब्रिज स्थापित किया जा रहा है। वहीं भागलपुर की तरफ 24 मीटर वाले स्पैन पर तीसरा बेली ब्रिज लगाया जाएगा। BRO और जिला प्रशासन की संयुक्त योजना के तहत जून के पहले सप्ताह से छोटे वाहनों का परिचालन शुरू किए जाने की संभावना जताई गई है।

5 जून से छोटे वाहनों को मिल सकती है अनुमति
प्रशासन के अनुसार, यदि निर्माण कार्य तय समय पर पूरा हो जाता है तो 5 जून से छोटे वाहनों के लिए वन-वे यातायात शुरू किया जा सकता है। फिलहाल भारी वाहनों के परिचालन पर रोक जारी रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि बेली ब्रिज पर एक समय में केवल एक दिशा से वाहन गुजरेंगे। जब एक ओर के वाहन पुल पार कर जाएंगे, तभी दूसरी ओर से वाहनों को अनुमति दी जाएगी।
क्यों लेना पड़ा बेली ब्रिज का सहारा?
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने में काफी तकनीकी परेशानी और समय लग रहा था। इसी वजह से BRO, IIT पटना और अन्य विशेषज्ञ टीमों की रिपोर्ट के आधार पर अस्थायी समाधान के तौर पर बेली ब्रिज बनाने का फैसला लिया गया। सर्वे में पाया गया कि पुल के दोनों ओर के बॉटम कॉर्ड में गंभीर खराबी आ चुकी है, जिससे सेतु के कुछ स्पैन कमजोर हो गए हैं। इसके बाद पथ निर्माण विभाग ने दोनों ओर अतिरिक्त बेली ब्रिज बनाने का निर्णय लिया।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और कोसी-सीमांचल क्षेत्र को जोड़ने वाली अहम कड़ी है। पुल पर यातायात बाधित होने से लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। अब बेली ब्रिज के चालू होने के बाद भागलपुर, नवगछिया और आसपास के जिलों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज होने की उम्मीद है। BRO की टीम लगातार युद्धस्तर पर काम कर रही है। जिला प्रशासन भी निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि जल्द से जल्द लोगों को राहत मिल सके। भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट