NEWS PR डेस्क :बिहार की राजनीति में एक नया विवाद अब सीधे कानूनी मोर्चे पर पहुंच गया है। बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री और महुआ विधायक संजय कुमार सिंह ने जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। मामला दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल से जुड़े उन आरोपों को लेकर है, जिन्हें तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मंत्री पर लगाया था।

संजय सिंह ने तेज प्रताप के आरोपों को झूठा, बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए 48 घंटे के भीतर संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने और सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। नोटिस में भविष्य में ऐसे आरोप नहीं दोहराने का लिखित आश्वासन भी मांगा गया है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत 29 अगस्त को तेज प्रताप यादव की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। तेज प्रताप ने अपने X हैंडल से आरोप लगाया था कि दिल्ली के एक आलीशान होटल में संजय सिंह ने एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और उसका शोषण करने का प्रयास किया। तेज प्रताप के मुताबिक, होटल स्टाफ के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और बाद में करीब 25 लाख रुपये के कथित लेन-देन के जरिए मामले को खत्म किए जाने का दावा किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की थी।
संजय सिंह का पलटवार
तेज प्रताप के आरोपों के बाद संजय कुमार सिंह ने अपने अधिवक्ता सुशील कुमार के माध्यम से 30 अगस्त को कानूनी नोटिस भेजा। बताया गया है कि नोटिस तेज प्रताप को WhatsApp और ईमेल के जरिए भी भेजा गया। नोटिस में मंत्री की ओर से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और कथित तौर पर मॉर्फ्ड तस्वीरों का इस्तेमाल कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इन पोस्ट से उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा, सामाजिक छवि और मानसिक शांति को नुकसान पहुंचा है।
48 घंटे में पोस्ट हटाने की मांग
कानूनी नोटिस में तेज प्रताप यादव को 48 घंटे के भीतर कथित आपत्तिजनक पोस्ट हटाने को कहा गया है। इसके अलावा सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और भविष्य में इस तरह के आरोप नहीं लगाने का लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है। नोटिस के मुताबिक, मांगें पूरी नहीं होने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत सिविल और आपराधिक मानहानि की कार्रवाई की जाएगी। इसी कार्रवाई में 50 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा किए जाने की बात कही गई है।
नोटिस में तीन महिलाओं के नाम क्यों आए?
इस विवाद ने उस समय और राजनीतिक रंग ले लिया, जब संजय सिंह के नोटिस में तेज प्रताप यादव के निजी जीवन से जुड़े तीन महिलाओं के नामों का भी उल्लेख किया गया। नोटिस में इन नामों का इस्तेमाल करते हुए तेज प्रताप को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने निजी मामलों पर भी विचार करने की नसीहत दी गई है।
- ऐश्वर्या राय
ऐश्वर्या राय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय की पोती हैं और तेज प्रताप यादव की पूर्व पत्नी रही हैं। दोनों की शादी के बाद संबंधों में विवाद सामने आया था और मामला अदालत तक पहुंचा। संजय सिंह के नोटिस में ऐश्वर्या राय का उल्लेख करते हुए तेज प्रताप के निजी जीवन और उनके साथ जुड़े पुराने विवादों पर सवाल उठाए गए हैं। - अनुष्का यादव
अनुष्का यादव का नाम हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेज प्रताप यादव के साथ कथित तस्वीरों और चैट से जुड़े विवाद के दौरान सामने आया था। इन पोस्ट और चर्चाओं के बाद यादव परिवार में कथित पारिवारिक विवाद को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। - निशु सिन्हा
निशु सिन्हा का नाम भी उसी सोशल मीडिया विवाद के दौरान कथित तौर पर सामने आया था। उन्हें कुछ सोशल मीडिया चर्चाओं में ‘मिस्ट्री गर्ल’ के तौर पर पेश किया गया था।
अब तेज प्रताप के जवाब का इंतजार
बता दें कि 50 करोड़ रुपये के इस मानहानि नोटिस के बाद बिहार की राजनीति में सियासी बयानबाजी के साथ कानूनी लड़ाई भी तेज होने के संकेत हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तेज प्रताप यादव की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब नजर इस बात पर है कि तेज प्रताप यादव नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या वह विवादित सोशल मीडिया पोस्ट हटाते हैं या कानूनी लड़ाई का रास्ता अपनाते हैं।