NEWS PR डेस्क:बिहार के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की कमी दूर करने के लिए 2624 पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग उठी है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ ने राज्य सरकार से लंबित बहाली प्रक्रिया में तेजी लाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि फार्मासिस्टों के पद खाली रहने से अस्पतालों में दवाओं का वितरण, सुरक्षित रखरखाव और स्टॉक का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने में परेशानी होती है।
2473 पदों पर बहाली, अब तक 870 नियुक्तियां
बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर चल रही बहाली प्रक्रिया में अब तक 870 डिप्लोमा फार्मासिस्टों की नियुक्ति हुई है। शेष 1603 पदों पर नियुक्ति होनी बाकी है। इसके अलावा 1021 नए पद सृजित किए गए हैं, जिन पर भी बहाली की मांग की जा रही है। इस तरह संगठन ने कुल 2624 रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठाई है।
भर्ती नियमावली के अनुसार नियुक्ति की मांग
डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार को भर्ती नियमावली और न्यायिक आदेशों के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर बहाली में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि सरकारी अस्पतालों में दवा प्रबंधन की व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके।
D.Pharm योग्यता को लेकर क्या है मामला?
संगठन के अनुसार, बिहार सरकार की फार्मासिस्ट भर्ती नियमावली में डिप्लोमा इन फार्मेसी (D.Pharm) की योग्यता निर्धारित है। अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि पटना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल 2025 को डीफार्मा योग्यता से संबंधित प्रावधान को वैध माना था। इसके बाद बी फार्मा और एम फार्मा डिग्रीधारियों की अपील सुप्रीम कोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को खारिज कर दी। संगठन ने पुनर्विचार याचिका भी निरस्त किये जाने की बात कही है।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गनाइजेशन छात्र संघ ने स्वास्थ्य विभाग से न्यायिक आदेशों के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने और रिक्त पदों की स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि पर्याप्त फार्मासिस्टों की नियुक्ति से सरकारी अस्पतालों में दवा वितरण और प्रबंधन बेहतर होगा तथा मरीजों को भी राहत मिलेगी।
बिहार के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की कमी,2624 पदों पर नियुक्ती की मांग