NEWS PR डेस्क : सोमवार को नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। इस दौरान नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी को “लड़की” कहकर संबोधित किया। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जदयू की ओर से व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। बिहार विधान परिषद में सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सीएम नीतीश ने राबड़ी देवी को “लड़की” कहकर संबोधित किया। इससे पहले विधानसभा में नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से मजाकिया लहजे में कहा था, “तुमको तो हम करवे नहीं किए जी, मानते हैं न, बैठो,” जिस पर तेजस्वी मुस्कुराते हुए अपनी सीट पर जाकर बैठ गए थे।मंगलवार को नीतीश-राबड़ी की इस नोकझोंक पर जदयू की ओर से चुटीली प्रतिक्रिया सामने आई।
विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में जदयू नेता श्याम रजक ने कहा, “देखिए, एक भौजाई हैं और एक देवर हैं, और ऊपर से माघ का महीना भी है। ऐसे में देवर-भौजाई की नोकझोंक के बीच किसी तीसरे का बोलना ठीक नहीं लगता। भौजाई कुछ कहें तो देवर का जवाब देना तो बनता ही है। श्याम रजक ने इस पूरे मामले पर व्यंग्यात्मक अंदाज में टिप्पणी करते हुए माहौल को हल्का करने की कोशिश की।
सोमवार को नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच बिहार में अपराध के मुद्दे को लेकर तीखी बहस हुई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टिप्पणी करते हुए कहा, “ई लड़की… इसका पति जब हटा तो इसको बना दिया,” उनका इशारा वर्ष 1997 में राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की ओर था। इसी पूरे घटनाक्रम को लेकर जदयू नेता श्याम रजक ने बाद में अपना चुटीला बयान दिया।
मंगलवार को विधानपरिषद में माहौल और भी ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि मंत्री अशोक चौधरी और राजद एमएलसी सुनील सिंह आमने-सामने आ गए। इस दौरान सुनील सिंह पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप भी लगा। इसके बाद विधानपरिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने वेल में पहुंचे सुनील सिंह को मार्शलों की मदद से सदन से बाहर निकलवाया और उन्हें पूरे दिन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।