पेयजल आपूर्ति को लेकर सख्त निर्देश, दो दिनों में लंबित बोरिंग कार्य पूरा करने का आदेश

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: दरभंगा, 30 अप्रैल। जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए आम लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के अभियंताओं और अंचलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कनीय अभियंताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित बोरिंग कार्य हर हाल में अगले दो दिनों के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

समीक्षा में बताया गया कि नई योजनाओं के तहत कुल 666 स्थानों पर बोरिंग कार्य प्रस्तावित है, जिसमें से 526 स्थानों पर काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाकी कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त संख्या में प्याऊ (जल वितरण केंद्र) स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जहां सरकारी या निजी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर वैकल्पिक स्थानों का चयन किया जाए। संवेदकों को कार्य में तेजी लाने और अतिरिक्त कार्यबल लगाने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक में सभी नई योजनाओं के लिए विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने हेतु बिजली विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पेयजल आपूर्ति से जुड़े बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में विच्छेद नहीं किए जाएं। इसके अलावा, टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति की अग्रिम व्यवस्था करने, खराब पड़े चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने और पाइपलाइन विस्तार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बिरौल सहित अन्य प्रखंडों में योजनाओं की निगरानी के लिए टीम गठित करने को भी कहा गया।

जिलाधिकारी ने दोहराया कि पेयजल आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए और सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता उत्कर्ष भारती सहित सभी संबंधित पदाधिकारी, अभियंता और संवेदक मौजूद रहे।

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