बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के तबादले का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया है। शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल इस महीने भी नहीं खोला जाएगा। इससे राज्य के हजारों शिक्षकों को फिलहाल और इंतजार करना पड़ेगा। लंबे समय से तबादले की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षकों को पोर्टल नहीं खुलने से निराशा हुई है।
पोर्टल खुलने का इंतजार बढ़ा
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से पूरा करने की तैयारी की गई थी। इसके लिए ट्रांसफर पोर्टल के जरिए शिक्षकों से आवेदन लेने की योजना है। हालांकि, प्रक्रिया में देरी के कारण निर्धारित समय पर पोर्टल नहीं खुल सका है।
शिक्षकों को उम्मीद थी कि अक्टूबर में तबादले के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं होने जा रहा है। अब पोर्टल खुलने की अगली तारीख को लेकर भी शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नई व्यवस्था के तहत होगा तबादला
बिहार में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन बनाने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षकों से संबंधित जानकारी और उनकी पसंद के आधार पर स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
शिक्षकों की बढ़ी परेशानी
तबादले की प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से खासकर लंबे समय से अपने गृह जिले या नजदीकी स्कूल में पोस्टिंग की उम्मीद कर रहे शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है। कई शिक्षक पारिवारिक और व्यक्तिगत कारणों से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं।
अब शिक्षकों की नजर शिक्षा विभाग की अगली घोषणा पर है। माना जा रहा है कि विभागीय तैयारियां पूरी होने के बाद ही ट्रांसफर पोर्टल खोलने को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। फिलहाल इस महीने पोर्टल नहीं खुलने से शिक्षकों को तबादले के लिए कुछ और समय इंतजार करना होगा।